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आंचलिक छठि गीत ! ( धुन : गोदना )

आंचलिक छठि गीत ! ( धुन : गोदना )




✍शिव कुमार झा टिल्लू
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छठि के अरघिया देब' जेबै कोशी-कात रे जान
रे जान रे जेबै कमला-घाट रे जान
रे जान रे खर्रा ल' क' खरर' छठिके बाट रे जान !
गोबर आनिक' अपनेहाथे नीप' सौंसे घाट रे जान
रे जान रे नीप' अर्घक घाट रे जान
रे जान रे डाला रखबै आन' केराके पात रे जान !
सुरूज महिमा काल ई जान' बनब'ने बैसिक' बात रे जान
रे जान रे बनब' ने बैसिके' बात रे जान
रे जान रे दीप जड़ेबै आन' एक अहिवात रे जान !
रोग निवारण करथिन सुरूज प'ड़ल ओछौना तात रे जान
रे जान रे प'ड़ल छ'थि तात रे जान
रे जान रे हे छठिमाता घुरबू पुरना गात रे जान !
पुरा दिय' औ साजन अर्घक कोनिया होइ छै सात रे जान
रे जान रे कोनिया होइ छै सात रे जान
रे जान रे फ'ल के राख' छिट्टामे चौड़ाके कात रे जान !
झिझिर लगाक' झांप' भसकल छै आँगनके टाट रे जान
रे जान रे भसकल आंगनक टाट रे जान
रे जान रे कुकुर धुसतै राख' बिल लग खाट रे जान !

✍शिव कुमार झा टिल्लू

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