मीत आहाँके जहिया सँ बना लेलियै
मीत आहाँके जहिया सँ बना लेलियै
मीत आहाँके जहिया सँ बना लेलियै
उजरल जिनगी अपन सजा लेलियै
सिख लेलौ जिनगी जीयब कोना केर
नेह आहाँ सँग जहिया सँ लगा लेलियै
पाबि आहाँके संसारेंमें स्वर्ग पाबि लेलौ
प्रीत करेजमें आहाँ जेऽ बसा लेलियै
निट्ठुर सन मन जे कहियो नै बिहुसल
पाथर के सेहो आहाँ जे हँसा लेलियै
आइओ धरि मुह मिठ छै 'अशरफ़' क
जहिए हमरा ठोर सँ ठोर सटा लेलियै
✍ अशरफ़ राईन
सिनुरजोडा , धनुषा

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