दुर्गा वंदना
दुर्गा वंदना
✍शिव कुमार झा टिल्लू
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दुर्गति नाशिनी अय अहँक आरती
करथि स्वयं जगदीश
काल विनाशिनि अय शिवक हाथमे
अड़हुल फूल पचीस !!
शुम्भ पातकी दम्भक घातिनी
निशुम्भक पाखण्डक कातिनी
आर्यक अराध्या भव्या सम्मुख ब्रह्मा
झुका नेने छथि शीश !!
दैत्य दानव ड'रे काँपथि
आस्तिक स्तुति नव जापथि
उमा रमा ब्रह्माणी अहींक रूपमे
द' रहली आशीष !!
कलि जगक शांतिकेँ जाड़ल
धर्मी छथि सभसँ बारल
पापक पोटरी हेरथि जनितो ई
जीवन अछि क्षणिक बरिस !!
युगयुगक छगुन्ता तोड़ू
नेहक संग नीतिकेँ जोड़ू
कुमकुम केसर संगहि नित्य देखायब
दीनक मोनक टीस !!
लेखकः✍शिव कुमार झा टिल्लू
✍शिव कुमार झा टिल्लू
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दुर्गति नाशिनी अय अहँक आरती
करथि स्वयं जगदीश
काल विनाशिनि अय शिवक हाथमे
अड़हुल फूल पचीस !!
शुम्भ पातकी दम्भक घातिनी
निशुम्भक पाखण्डक कातिनी
आर्यक अराध्या भव्या सम्मुख ब्रह्मा
झुका नेने छथि शीश !!
दैत्य दानव ड'रे काँपथि
आस्तिक स्तुति नव जापथि
उमा रमा ब्रह्माणी अहींक रूपमे
द' रहली आशीष !!
कलि जगक शांतिकेँ जाड़ल
धर्मी छथि सभसँ बारल
पापक पोटरी हेरथि जनितो ई
जीवन अछि क्षणिक बरिस !!
युगयुगक छगुन्ता तोड़ू
नेहक संग नीतिकेँ जोड़ू
कुमकुम केसर संगहि नित्य देखायब
दीनक मोनक टीस !!
लेखकः✍शिव कुमार झा टिल्लू

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