गे माई ! अ,त बालि बढ़ मोन परैय
गे माई ! अ,त बालि बढ़ मोन परैय
____________गजल___________
✍सूरज कुमार प्रीतम जी
माई छोईर के येलि अपन भुलाई ऐलै!
घोग ओईरह के ऊ,त सेनूर सजाई ऐलै!!
आगि राईख,क संचे जियके छै संगे कहै!
येहने हम खाक बचन डेरा दुराई ऐलै!!
ठनलि संसार हम कखनों जोरलि नाता!
राईत में देखै छि निक सारी लगाई ऐलै!!
कहै माया झुठो छै केऊ बूझैं,य यर्थ!
आशा बोकि,क खुशी के पिरा नुकाई ऐलै!!
आँईख कि तिर मारै जेना जे नै झुकेबाला!
गेंठरी बाँधि,क माया आँईख जुदाई ऐलै!!
सुरज कुमार प्रीतम जी
सिनुरजोडा़ ७.
धनुषा
(हाल मलेशिया)
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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