बेटी छि हम
👩बेटी छि हम,
✒✍अशोक कुमार सहनी
कथि छिय हम, के छि हम, ई सवाल करै छि हम,
बेटी छि, लाचार, मजबूर, बेचारी , एहि जवाब सुनै छि हम,
कनिक बड़का भेली तब समाज के परम्परा के जानली हम,
अपन सवाल के जवाब ,हम अपने में पब्लि हम,
लाचार नै, मजमुर नै छि हम, एक आइग'क लुति छि हम,
छूबी नै हमरा जैइल जेब , दुर्गा और काली छि हम,
परिवार के सम्मान, माँ-बाप के अभिमान छि हम,
औरत के सब रुप में सबसे सुनर रुप छि हम,
जकरा मइया बहुत प्यार सँ पोसल्क,
उ मइया के बेटी छि हम, उ बाप के बेटी छि हम ।।
✍'अशोक कुमार सहनी'
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन :-(दोहा क़तार)
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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✒✍अशोक कुमार सहनी
कथि छिय हम, के छि हम, ई सवाल करै छि हम,
बेटी छि, लाचार, मजबूर, बेचारी , एहि जवाब सुनै छि हम,
कनिक बड़का भेली तब समाज के परम्परा के जानली हम,
अपन सवाल के जवाब ,हम अपने में पब्लि हम,
लाचार नै, मजमुर नै छि हम, एक आइग'क लुति छि हम,
छूबी नै हमरा जैइल जेब , दुर्गा और काली छि हम,
परिवार के सम्मान, माँ-बाप के अभिमान छि हम,
औरत के सब रुप में सबसे सुनर रुप छि हम,
जकरा मइया बहुत प्यार सँ पोसल्क,
उ मइया के बेटी छि हम, उ बाप के बेटी छि हम ।।
✍'अशोक कुमार सहनी'
लहान ४ रघुनाथपुर
अखुन :-(दोहा क़तार)
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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