कते दिनक बाद औता भइया,
..........भरदुतिया...........
कते दिनक बाद औता भइया,
✒✍Mohan Bhardwaj
कते दिनक बाद औता भइया,
माय बाबू जी'क सन्देश लौता भाइया।
बजार सँ माटिक मटकुरी मंगौलौं,
गायक गोबर नीपी अरिपन बनौलौं।
ताहि उपर पिरही लगौलौं,
जहि पर नोत लेता भइया।।
हाथ पिठार लगा पान'क पात रखलौं,
औंकरी सुपारी राखी कुम्हर'क फूल चरहौलौं।
ताहि उपर गंगाजल ढारैत फकरा परहलौं,
अहिना तीन बेरक बाद औंकरी चबेता भइया।।
भात दाइल उपर तिलकोर'क तरूआ,
तीमन साग चटनी आ खमहरूआ।
बऱी , दही आ करैल'क भरूआ,
एतेक व्यंजन सँ थाल सजेता भइया।।
इ पावैन समस्त भारत मनाबै,
कतौ भैया दूज, कतौ भाइ फोटा
आ कतौ भरदुतीया कहाबै।
बहिन भाइ के दीर्घायु बनाबै,
जाइत काल उपहार देता भइया।
जय मिथिला
जय मैथिली
✒✍Mohan Bhardwaj
01/11/2016
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट- अशोक कुमार सहनी
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कते दिनक बाद औता भइया,
✒✍Mohan Bhardwaj
कते दिनक बाद औता भइया,
माय बाबू जी'क सन्देश लौता भाइया।
बजार सँ माटिक मटकुरी मंगौलौं,
गायक गोबर नीपी अरिपन बनौलौं।
ताहि उपर पिरही लगौलौं,
जहि पर नोत लेता भइया।।
हाथ पिठार लगा पान'क पात रखलौं,
औंकरी सुपारी राखी कुम्हर'क फूल चरहौलौं।
ताहि उपर गंगाजल ढारैत फकरा परहलौं,
अहिना तीन बेरक बाद औंकरी चबेता भइया।।
भात दाइल उपर तिलकोर'क तरूआ,
तीमन साग चटनी आ खमहरूआ।
बऱी , दही आ करैल'क भरूआ,
एतेक व्यंजन सँ थाल सजेता भइया।।
इ पावैन समस्त भारत मनाबै,
कतौ भैया दूज, कतौ भाइ फोटा
आ कतौ भरदुतीया कहाबै।
बहिन भाइ के दीर्घायु बनाबै,
जाइत काल उपहार देता भइया।
जय मिथिला
जय मैथिली
✒✍Mohan Bhardwaj
01/11/2016
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पोस्ट- अशोक कुमार सहनी
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