मोन पाड़ैत छी धानक खेत,
झिल्ली कचौड़ी,
लोढ़ैत काटल धानक झट्ठा,
ओहि बीछल शीसक पाइसँ कीनल लालछड़ी।
‘जकरे नाम लाल छड़ी’ आ’ सतघरियाक खेल,
आमक जाबी,
बंशीसँ मारैत माछ,
खुरचनसँ सोहैत आम काँच।
चूनक संग काँच आमक मीठ स्वाद,
बडका दलान,
दाउन,
✍: गजेन्द्र ठाकुर
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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