बिर मधेसी सुपुत्रि....
बिर मधेसी सुपुत्रि....
*******************************************
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
देलकै दुख देलकै दर्द आब बहुत भऽ गेलै!
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै !!
छिनलेलकै हक़ अधिकार हमर छिनलेलकै पहिचान हमर-2
गुमाकऽ अपन हक़ अधिकार गुमाकऽ अपन पहिचान - २
कोनाक हम अब जियबै
कऽ कऽ अत्याचार हमर सुन्दर सन देश प्रदेशके टुक्रा-टुक्रा ओ कदेलक - २
सुख शान्ति सब छिनके हमर सुन्दर सन देश प्रदेशके अशान्त ओ कदेलक
कैहकऽ हमरा आदिवशी - २
अपने देशमे हमरा परदेसी ओ बनादेलक
नै सहबै ई जुलुम हम अब बहुत भऽ गेलै - २
हमर उबजाईल धान गहुमसँ उ खाना खाई छैक - ३
तऽ फिर किया उ हमरा धोती आ आदिवासी कैहकऽ बोलबै छैक ?
हमरेसँ छै पहिचान नेपालके हमरेसँ छै स्वभिमान नेपालके
फिर किया हमरे आई धोती आ आदिवासी कैहके बोलबै छैक ?
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
चुप रहली हम जेतना
हमराके दराबै आ दबाबै आ ओ ओतना
नै आब रहब डरि - डरिकऽ
नै आब जियब मरि - मरिकऽ
तुटतै आब अत्याचारके सबटा दिवार
खुशिया मनेतै ई सारा मधेशी परिवार
छिनके लबै हम अपन सभकऽ हक़ अधिकार
चाहे केतनो करतै ई पहरिया अत्याचार
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
तोडि देबै आब हम जुल्मकऽ जंजिर के
फोडि देबै आब हम नफरतकऽ दीवार के
बहुत कैलक पहरिया सब हमरा सब पऽ राज
मुदा आब नै सहबै पहरिया सबके ई जुलुम
आ खत्म कऽ देबै हम ई पहरिया सभकऽ अत्याचारके
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
जय मधेशी, जय मधेश, मधेशी एकता जिन्दाबाद.......
रचनाकार : दिनेश यादव
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🔵🌷🌷🌷🌷🌷🔵🔵
🚩🚩🚩🚩
🚩🚩🚩
*******************************************
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
देलकै दुख देलकै दर्द आब बहुत भऽ गेलै!
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै !!
छिनलेलकै हक़ अधिकार हमर छिनलेलकै पहिचान हमर-2
गुमाकऽ अपन हक़ अधिकार गुमाकऽ अपन पहिचान - २
कोनाक हम अब जियबै
कऽ कऽ अत्याचार हमर सुन्दर सन देश प्रदेशके टुक्रा-टुक्रा ओ कदेलक - २
सुख शान्ति सब छिनके हमर सुन्दर सन देश प्रदेशके अशान्त ओ कदेलक
कैहकऽ हमरा आदिवशी - २
अपने देशमे हमरा परदेसी ओ बनादेलक
नै सहबै ई जुलुम हम अब बहुत भऽ गेलै - २
हमर उबजाईल धान गहुमसँ उ खाना खाई छैक - ३
तऽ फिर किया उ हमरा धोती आ आदिवासी कैहकऽ बोलबै छैक ?
हमरेसँ छै पहिचान नेपालके हमरेसँ छै स्वभिमान नेपालके
फिर किया हमरे आई धोती आ आदिवासी कैहके बोलबै छैक ?
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
चुप रहली हम जेतना
हमराके दराबै आ दबाबै आ ओ ओतना
नै आब रहब डरि - डरिकऽ
नै आब जियब मरि - मरिकऽ
तुटतै आब अत्याचारके सबटा दिवार
खुशिया मनेतै ई सारा मधेशी परिवार
छिनके लबै हम अपन सभकऽ हक़ अधिकार
चाहे केतनो करतै ई पहरिया अत्याचार
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
तोडि देबै आब हम जुल्मकऽ जंजिर के
फोडि देबै आब हम नफरतकऽ दीवार के
बहुत कैलक पहरिया सब हमरा सब पऽ राज
मुदा आब नै सहबै पहरिया सबके ई जुलुम
आ खत्म कऽ देबै हम ई पहरिया सभकऽ अत्याचारके
नै सहबै ई जुलुम हम आब बहुत भऽ गेलै - २
जय मधेशी, जय मधेश, मधेशी एकता जिन्दाबाद.......
रचनाकार : दिनेश यादव
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🔵🌷🌷🌷🌷🌷🔵🔵
🚩🚩🚩🚩
🚩🚩🚩

कोई टिप्पणी नहीं