माय बिना दुनियाँ... हो...हो..
।। गीत ।।
माय बिना दुनियाँ... हो...हो..
✒✍राम सोगारथ यादव
माय बिना दुनियाँ... हो...हो...हो....
टुहर कहैय
याद अबै माय जखन, बड मन कनैय....
चारु ओर देखि हम,सबकें माय छै
माय हमर कत गेलैं ,पुछै भाइ छै
चाची चाची कहिते... हो...हो...हो...
मन नै भरैय...
माय मरने मौसी ,कतेक करथिं दुलार हो
बुझि नहि सकै छी , माय सन प्यार हो
मनक बात मन...हो...हो...हो...
मनेमे गुमसैय....
कि बुझु प्रीतक प्यार, अनहार सन लगै
माय आगु प्रीतक प्यार,बेकार सन लगै
मायक लोरि सुनेला...हो...हो...हो
कान तरसैय......
याद अबै माय जखन,बड मन कनैय....
...............
गीतकार ✒✍राम सोगारथ यादव
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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माय बिना दुनियाँ... हो...हो..
✒✍राम सोगारथ यादव
माय बिना दुनियाँ... हो...हो...हो....
टुहर कहैय
याद अबै माय जखन, बड मन कनैय....
चारु ओर देखि हम,सबकें माय छै
माय हमर कत गेलैं ,पुछै भाइ छै
चाची चाची कहिते... हो...हो...हो...
मन नै भरैय...
माय मरने मौसी ,कतेक करथिं दुलार हो
बुझि नहि सकै छी , माय सन प्यार हो
मनक बात मन...हो...हो...हो...
मनेमे गुमसैय....
कि बुझु प्रीतक प्यार, अनहार सन लगै
माय आगु प्रीतक प्यार,बेकार सन लगै
मायक लोरि सुनेला...हो...हो...हो
कान तरसैय......
याद अबै माय जखन,बड मन कनैय....
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गीतकार ✒✍राम सोगारथ यादव
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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