जिनगी - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

जिनगी

🌷जिनगी🌷

✒✍ अशोक कुमार सहनी

अशोक गाँउ सँ निक्लल तँ सहर गेलै
कुछ याद ओकर संगे टाँग टाँग गेलै
बाँट में रौदा लगलै तब अक्ल भेलै
उ जिनगी की जे छाहीर छाहीर गेलै
____________________________

काल्हि एक झलक जिनगी के देखली
उ हमर चौखट पर भन भना रहल छेलै

फेर खोजली ओकर दयाँ बयाँ
उ आँखि चुराके हँसी रहल छेलै

आधा पहर के बाद एलै हमरा निन
उ सहला के हमरा सुता रहल छेलै

हम दुनु  कईला रुसल छि एक दोसर सँ
हम ओकर आ उ हमरा समझा रहल छेलै

हम पुईछ देलि कैला यतेक दर्द देल्ही तू
उ हँसिके और कहलकै हम जिनगी छी
तोरा जियाइले  सीखा रहल छेलियौ
तोरा जियाईले सीखा रहल छेलियौ

✍'अशोक कुमार सहनी'
लहान ४ रघुनाथपुर
हॉल :- दोहा क़तार


🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷👉🌷🌷🌷🌷🌷🌷






🚩✒✒❤


🚩🚩🚩

कोई टिप्पणी नहीं