"बेटी के नसीब"(कविता)
"बेटी के नसीब"(कविता)
✍अमित कुमार मण्डल
हम बेटी बनिकSआइल छी,
माय बापक जीवन में !
काइल बसेरा होत हमर,
किनको दोसरके आगँन में!!
कि ई रित,
भगवान बनैने छथिन ?
कहैत अछि-
आइ नई तS काल्हि,
बेटी पराय होइत अछि!!
जन्म देली आहाँ
पाईल-पैईस कS,
हमरा बड़का बनैली आहाँ!
जखन समय आईल तS,
ओहि हाथ सS विदाह् क देली हमरा!!
बेटी इहे समैझ ले,
अपन जीवन के परिभाषा!
बना दैत अछि अभिलाशा
एक अटूट वन्धन के!!
आखिर किया,
हमर रिश्ता अतेक
अजीव होइत अछि?
कि बस इहे बेटी के,
नसीब होइत अछि?
कि ईहे बेटी के,नसीब होइत अछि?
लेखक : अमित कुमार मण्डल
एकराही धनुषा (नेपाल)
हाल: सऊदी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
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✍अमित कुमार मण्डल
हम बेटी बनिकSआइल छी,
माय बापक जीवन में !
काइल बसेरा होत हमर,
किनको दोसरके आगँन में!!
कि ई रित,
भगवान बनैने छथिन ?
कहैत अछि-
आइ नई तS काल्हि,
बेटी पराय होइत अछि!!
जन्म देली आहाँ
पाईल-पैईस कS,
हमरा बड़का बनैली आहाँ!
जखन समय आईल तS,
ओहि हाथ सS विदाह् क देली हमरा!!
बेटी इहे समैझ ले,
अपन जीवन के परिभाषा!
बना दैत अछि अभिलाशा
एक अटूट वन्धन के!!
आखिर किया,
हमर रिश्ता अतेक
अजीव होइत अछि?
कि बस इहे बेटी के,
नसीब होइत अछि?
कि ईहे बेटी के,नसीब होइत अछि?
लेखक : अमित कुमार मण्डल
एकराही धनुषा (नेपाल)
हाल: सऊदी
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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