हमरा लेल मैथिली कोनटा नै सौंसे आँगन अछि
हमरा लेल मैथिली कोनटा नै सौंसे आँगन अछि
संतति छी मिथिलाकेँ हम सभ हिया पावन अछि
नञि वसन तन पर अन्न लेल ककुलति करैत मरलै
लहास की जानय लकड़ी आम की चानन अछि
एकटा चान हमरो हियामे फुलायल रहै कहियो
आस पूनमकेँ छल लागल आइ फेरसँ गहन अछि
कोना छोड़ितहुँ जा घरमे घूसि एकहककेँ मारितहुँ
मुद्दै आन जँ रहितै एतय अपने खून दुश्मन अछि
जनै छी नहि लिखी संस्कृत हिन्दी की अंग्रेजी
हमरा लेल मैथिली कोनटा नै सौंसे आँगन अछि
अहाँ कत' छी इएह अहाँक पहिचान मोल सेहो छै
अवहेलित तुलसी सारा पर चौड़ा पर पावन अछि
शीघ्र प्रकाश्यमान - अनसोहाँत आखर ( 2017 ई .)
प्रकाशन -- नवारंभ
~> ✍👤 मैथिल प्रशान्त
दुर्गौली, बेनीपट्टी ।
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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