एहि आश में अँगना बहारल छै
एहि आश में अँगना बहारल छै
👤✍विजय कुमार
अतऽ सब कियो अजबारल छै
ककरो ने ककरो हाथे हारल छै
ओ जे भरि जीवन चोइर केलक
अपने घर में अपनें स बटमारल छै
नीक दिन एतै कोना माइन लिअ
छोटका औखन पैघ स बारल छै
ककरो घरारी पर छै कोठे-कोठा
औखन ककरो पतोइए स छारल छै
हम रहि, अहाँ रहि वा किओ रहेँ
मोंन में किओ ने किओ नेआरल छै
चान एक दिन उतरतै हमरो अँगना
एहि आश में अँगना बहारल छै
लेखकः✍👤विजय कुमार
सलेमपुर ,मधुबनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
👤✍विजय कुमार
अतऽ सब कियो अजबारल छै
ककरो ने ककरो हाथे हारल छै
ओ जे भरि जीवन चोइर केलक
अपने घर में अपनें स बटमारल छै
नीक दिन एतै कोना माइन लिअ
छोटका औखन पैघ स बारल छै
ककरो घरारी पर छै कोठे-कोठा
औखन ककरो पतोइए स छारल छै
हम रहि, अहाँ रहि वा किओ रहेँ
मोंन में किओ ने किओ नेआरल छै
चान एक दिन उतरतै हमरो अँगना
एहि आश में अँगना बहारल छै
लेखकः✍👤विजय कुमार
सलेमपुर ,मधुबनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

कोई टिप्पणी नहीं