यौवन देलनि वियोग री
।। यौवन देलनि वियोग री ।।
✍👩अदिति झा
यौवन देलनि वियोग री ।।
मधुर मिलन हित हृदय वेकल थिक
कहिया हैत संयोग री
मदन दाह सँ वदनहि दहकय
बढि गेल प्रेमक रोग री।
प्रीतम वैरी वनल सखी री
यौवन देलनि वियोग री।।1।।
फूलक सेज काँट मोहे लागय
नहि भावय कोनो भोग री
दैव बाम भय काज बिगारथि
दारुण देलथि सोग री।
प्रीतम वैरी वनल सखी री
यौवन देलनि वियोग री।।2।।
दुख नहि सहब प्राण नहि बाँचत
जौं नहि होयत नियोग री
अदिति कंत के पठबथि पतिया
प्रणयक बनबथि योग री।
प्रीतम वैरी वनल सखी री
यौवन देलनि वियोग री।।3।।
✍👩अदिति झा
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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