पत्रकार, साहित्यकार सुजीतकुमार झा जीके सातम कृति बुलबुल कथा संग्रहके परिचर्चा कार्यक्रम आय जनकपुरमें एक कार्यक्रमके बिच सम्पन्न भेल अछि।
पत्रकार, साहित्यकार सुजीतकुमार झा जीके सातम कृति बुलबुल कथा संग्रहके परिचर्चा कार्यक्रम आय जनकपुरमें एक कार्यक्रमके बिच सम्पन्न भेल अछि।
👤✍अशोक कुमार सहनी, अपन मिथिला
परिचर्चा कार्यक्रममें वक्तासब पत्रकार सुजीत कुमार झा बहुत मेहनती भके साहित्यिक कृति लिखै में लागल प्रसंसा के योग रहल बतेने छेल । मैथिलिके बरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेन्द्र प्रसाद विमल जी एक टा बाद दोसर करैत सातम कृति तक पुगला के बाधो लेखक सुजीत जी लिखाई में कोनो कमी नै ऐल अछि बतौलनि । डा. राजेन्द विमल जी कथा संग्रह बुलबुलके गुलाब फुल संगे तुलना कके प्रशंसा केने छेल । डा. विमल जी कहलक सुजीत जी के ई कृति नयायुवा सब में सेहो साहित्यिक लिखै तरफ प्रेरित करैत रहत से विश्वास व्यक्त केने छेल ।
तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टीके केन्द्रिय सम्पादन समिति सदस्य, सांसद डा. विजय कुमार सिंह जी मैथिली साहित्यके सहज आ पाठकीय बनाबी मैथिली साहित्यके अगुवा सबके आग्रह केने छेल । येत के पढ़ाईवालासब मैथिली साहित्य उपर अनगिनती स्नेह रहितो मैथिली पढ़ाई लेल दिकमानैत अछि ओहिसँ मैथिली साहित्यके सोचल जतेक विकास नै भहरहाल से चिन्ता व्यक्त केने छेल ।
यतँ साहित्यकार रेवती रमण लाल
जी झाके बुलबुल कथा संग्रहके मात्र नै हुनकर पछिला कृतिसब सेहो प्रशंसय अछि साहित्यकारसबके मनोबल बढाबै दिस सबकोई के आग्रह केने छेल । मैथिली लेखकसबके बहुत कम मात्रमें उजागर करै मुदा लेखकके मनोबल नबढाबैय गलत संस्कार के प्रति दुःख व्यक्त केने छेल ।
नेपाल संगीत तथा नाट्य कला प्रतिष्ठानके प्राज्ञ रमेश रञ्जन झा जी मैथिलीमे पाठक केर संख्या बड बेसी नै भेलाक बाब्जुदो कमस कम मैथिली पढिक' आलोचना करबाक परिपाटीके विकास कऽ सकी तहन मैथिली साहित्य केर विकास होएत से बतौलनि ।
डा. भोगेन्द्र झा जी लेखक सुजीत के ई कृति मैथिली साहित्यमें मात्र नै भके चौतर्फी रुपमें बड़का मेसेज दैमें सफल भेल बतौलनि।
आफन्त नेपालके प्रदीप यादवजी अध्यक्षतामें समापन भेल उ परिचर्चा कार्यक्रम में डा. सुरेन्द्र लाभ, बरिष्ठ पत्रकार बिएम खनाल, समाजसेवी अमरचन्द्र अनिल, सेभ हिस्टोरिकल जनकपुरके अध्यक्ष रामअशिष यादव, नेपाली कांग्रेसके युवा नेता धीरेन्द्र मोहन झा, नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाके अध्यक्ष अनिल मिश्र, गौ संरक्षण मञ्चके अध्यक्ष जगदीश महासेठ, उद्योग वाणिज्य संघ जनकपुरके महासचिव जितेन्द्र प्रसाद साह लगायतके वक्तासब चर्चा केने छेल ।
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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👤✍अशोक कुमार सहनी, अपन मिथिला
परिचर्चा कार्यक्रममें वक्तासब पत्रकार सुजीत कुमार झा बहुत मेहनती भके साहित्यिक कृति लिखै में लागल प्रसंसा के योग रहल बतेने छेल । मैथिलिके बरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेन्द्र प्रसाद विमल जी एक टा बाद दोसर करैत सातम कृति तक पुगला के बाधो लेखक सुजीत जी लिखाई में कोनो कमी नै ऐल अछि बतौलनि । डा. राजेन्द विमल जी कथा संग्रह बुलबुलके गुलाब फुल संगे तुलना कके प्रशंसा केने छेल । डा. विमल जी कहलक सुजीत जी के ई कृति नयायुवा सब में सेहो साहित्यिक लिखै तरफ प्रेरित करैत रहत से विश्वास व्यक्त केने छेल ।
तराई मधेश लोकतान्त्रिक पार्टीके केन्द्रिय सम्पादन समिति सदस्य, सांसद डा. विजय कुमार सिंह जी मैथिली साहित्यके सहज आ पाठकीय बनाबी मैथिली साहित्यके अगुवा सबके आग्रह केने छेल । येत के पढ़ाईवालासब मैथिली साहित्य उपर अनगिनती स्नेह रहितो मैथिली पढ़ाई लेल दिकमानैत अछि ओहिसँ मैथिली साहित्यके सोचल जतेक विकास नै भहरहाल से चिन्ता व्यक्त केने छेल ।
यतँ साहित्यकार रेवती रमण लाल
जी झाके बुलबुल कथा संग्रहके मात्र नै हुनकर पछिला कृतिसब सेहो प्रशंसय अछि साहित्यकारसबके मनोबल बढाबै दिस सबकोई के आग्रह केने छेल । मैथिली लेखकसबके बहुत कम मात्रमें उजागर करै मुदा लेखकके मनोबल नबढाबैय गलत संस्कार के प्रति दुःख व्यक्त केने छेल ।
नेपाल संगीत तथा नाट्य कला प्रतिष्ठानके प्राज्ञ रमेश रञ्जन झा जी मैथिलीमे पाठक केर संख्या बड बेसी नै भेलाक बाब्जुदो कमस कम मैथिली पढिक' आलोचना करबाक परिपाटीके विकास कऽ सकी तहन मैथिली साहित्य केर विकास होएत से बतौलनि ।
डा. भोगेन्द्र झा जी लेखक सुजीत के ई कृति मैथिली साहित्यमें मात्र नै भके चौतर्फी रुपमें बड़का मेसेज दैमें सफल भेल बतौलनि।
आफन्त नेपालके प्रदीप यादवजी अध्यक्षतामें समापन भेल उ परिचर्चा कार्यक्रम में डा. सुरेन्द्र लाभ, बरिष्ठ पत्रकार बिएम खनाल, समाजसेवी अमरचन्द्र अनिल, सेभ हिस्टोरिकल जनकपुरके अध्यक्ष रामअशिष यादव, नेपाली कांग्रेसके युवा नेता धीरेन्द्र मोहन झा, नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषाके अध्यक्ष अनिल मिश्र, गौ संरक्षण मञ्चके अध्यक्ष जगदीश महासेठ, उद्योग वाणिज्य संघ जनकपुरके महासचिव जितेन्द्र प्रसाद साह लगायतके वक्तासब चर्चा केने छेल ।
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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