विरहानल हेमन्त ( ऋतु गीत )
विरहानल हेमन्त ( ऋतु गीत )
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
*********************************
रहब कोना एकसरि सियाला मे
अहींसंग चाह पीयब पियाला मे !
ताकै हेमन्तबाट परदेश ने बसियौ
धान गेल पाकि झाड़ि ढ़ेकीमे कसियौ
कमल ठोर बन्न सरित नाला मे !
चन्दनके उपटनसँ कांति सजेबै
गेना' के फूल लोढ़ि जूड़ा बनेबै
चलू'ने प्रेमक मधुशाला मे !
दक्षिणायन सुरूज अहाँ किए मोरङ्गमे
जयपुरक रजाइ किनब अबियौने संगमे
आकि मोन रमल हिमबाला मे !
शीतल पवन किए गेलहुँ हिमालय
आबि जाउ गाम बनत एत्तहि प्रेमालय
चलबै हेमन्तक रंगशाला मे !
ह'म सिद्धिफूल बनब अहींकेँ प्रियतम
एकसरिमे विरहानल क' रहलै सरगम
गुनिधुनि गाँथब नेहमाला मे !
गीतकार ✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
*********************************
रहब कोना एकसरि सियाला मे
अहींसंग चाह पीयब पियाला मे !
ताकै हेमन्तबाट परदेश ने बसियौ
धान गेल पाकि झाड़ि ढ़ेकीमे कसियौ
कमल ठोर बन्न सरित नाला मे !
चन्दनके उपटनसँ कांति सजेबै
गेना' के फूल लोढ़ि जूड़ा बनेबै
चलू'ने प्रेमक मधुशाला मे !
दक्षिणायन सुरूज अहाँ किए मोरङ्गमे
जयपुरक रजाइ किनब अबियौने संगमे
आकि मोन रमल हिमबाला मे !
शीतल पवन किए गेलहुँ हिमालय
आबि जाउ गाम बनत एत्तहि प्रेमालय
चलबै हेमन्तक रंगशाला मे !
ह'म सिद्धिफूल बनब अहींकेँ प्रियतम
एकसरिमे विरहानल क' रहलै सरगम
गुनिधुनि गाँथब नेहमाला मे !
गीतकार ✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

कोई टिप्पणी नहीं