अहाँकें हमरा इ बुझाबमे बहुत समय लगलै
।। गजल ।।
✍👤 अशोक कुमार सहनी
दिलक सपना सजाबमे बहुत समय लगलै,
अहाँके फोंटो मनमे बनाबमे बहुत समय लगलै ।
देखैत रहिगेली घरक टाटमे मुहँ अपन,
अहाँकें नयनमे छी हम बताबमे बहुत समय लगलै ।
आइ फेरसँ अंगनमे छिटायल देखलहुँ चानके,
पुनम जकाँ टलकाबमे बहुत समय लगलै।
आब अहाँ अशोक दिलके रानी छी,
अहाँकें हमरा इ बुझाबमे बहुत समय लगलै।
✍👤 'अशोक कुमार सहनी'
लहान- ४ रघुनाथपुर
हाल (दोहा कतार)
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
✍👤 अशोक कुमार सहनी
दिलक सपना सजाबमे बहुत समय लगलै,
अहाँके फोंटो मनमे बनाबमे बहुत समय लगलै ।
देखैत रहिगेली घरक टाटमे मुहँ अपन,
अहाँकें नयनमे छी हम बताबमे बहुत समय लगलै ।
आइ फेरसँ अंगनमे छिटायल देखलहुँ चानके,
पुनम जकाँ टलकाबमे बहुत समय लगलै।
आब अहाँ अशोक दिलके रानी छी,
अहाँकें हमरा इ बुझाबमे बहुत समय लगलै।
✍👤 'अशोक कुमार सहनी'
लहान- ४ रघुनाथपुर
हाल (दोहा कतार)
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷

कोई टिप्पणी नहीं