गीत :- "नयना भरल नाेरसँ"
गीत :- "नयना भरल नाेरसँ"
✍👤अर्जुनप्रसाद गुप्ता "दर्दीला"
नयना भरल नाेरसँ,प्रिय अहाँके यादमे,
काँटक बाट खडा छी,अहाँके इन्तजारमे ।
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सपनाभरि संग रहैछी,मनके खुब हसाँबैछी,
विपनामे संगे बैसु न,किया अतेक सताबैछी,
धकधक दिल धडकैय,प्रिय अहाँके प्यारमे ।
काँटक बाट -----------------
अहाँ विनु की जिनगी य,जल विनु जेना मछरी,
अहींक यादमे जिबैछी,छी प्राण विना ठठडी,
बनि प्राण किया दुर छी,यी जीवनक संसारमेे ।
काँटक बाट -----------------
नयना भरल नाेरसँ,प्रिय अहाँक यादमे,
काँटक बाट खडा छी,अहाँके इन्तजारमे ।
रचना :-अर्जुनप्रसाद गुप्ता "दर्दीला"
लहान -१० ,सिरहा (नेपाल)
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पोस्ट:- अशोक कुमार सहनी
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