अपन मिथिला हम,छातिमे बसैबै
।। गीत ।।
अपन मिथिला हम , छातिैमे बसैब
✍👤राम सोगार्थ यादव
मिठ बोल मैथिलि, सभसँ बजैबै
अपन मिथिला हम,छातिमे बसैबै
नहु - नहु खनिक भुगोलके चिरबै
खोजीक मिथिला घर हम फिरबै
प्राणे हमर मातृभुमी, ऐकरा बचैबै
बँचाक हम रखबै मायक बोलमे
भल्ही नहिं अछि दुनियाकें भुगोलमे
तैयो मिथिलाक गुणगान करैबै
हम प्रवासी भजाए आ रहि देशमे
रंगाक रहब सैदखन अपन भेषमे
नव मिथिलाक नव सपना सजैबै
✍👤राम सोगारथ यादव
पुरन्दहा ,धनुषा
नेपाल
🌷🔵🌷🔵🌷🔵🔵🌷🔵🔵🔵🔵
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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अपन मिथिला हम , छातिैमे बसैब
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| जानकी मन्दिर |
✍👤राम सोगार्थ यादव
मिठ बोल मैथिलि, सभसँ बजैबै
अपन मिथिला हम,छातिमे बसैबै
नहु - नहु खनिक भुगोलके चिरबै
खोजीक मिथिला घर हम फिरबै
प्राणे हमर मातृभुमी, ऐकरा बचैबै
बँचाक हम रखबै मायक बोलमे
भल्ही नहिं अछि दुनियाकें भुगोलमे
तैयो मिथिलाक गुणगान करैबै
हम प्रवासी भजाए आ रहि देशमे
रंगाक रहब सैदखन अपन भेषमे
नव मिथिलाक नव सपना सजैबै
✍👤राम सोगारथ यादव
पुरन्दहा ,धनुषा
नेपाल
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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