दोहा/कतारमे सम्पन्न भेल - काव्यगोष्ठीक १८ मास ।
दोहा/कतारमे सम्पन्न भेल - काव्यगोष्ठीक १८ मास ।
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
अपन मिथिला दोहा कतार
"मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा" मूल नाराके संग बिगत १८ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम #साँझक_चौपाड़ि_पर के अठारहम मासक बैसार मिति: २७/०१/२०१७ शुक्र दिन कतारक ग्राण्डमल्ल(सनैया) मे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल ।
कवि राम अधीन 'सम्भव' जीक संयोजकत्वमे शुरु भेल बैसारमे पहिल चरणमे परिचय पात आ दोसर चरणमे सर्जकसबद्वरा रचनासब सुनाएल गेल छल। करिब ३ दर्जन सँ बेसी लोकक उपस्थिती रहल बैसारमे कवि सत्रुधन मुखिया,कवि राम अधीन यादब, विन्देश्वर ठाकुर,कवि दिनेश महरा जी द्वारा कविता वाचन कएल गेल। तहिना कवि,गायक आ समाजसेवी रवीन्द्र उदासी जी आ राम नारायण सिंह जी द्वारा मार्मिक गीतसब प्रस्तुत कएल गेल। युवा गजलकार असरफ राईन जी द्वारा विभिन्न रसके गजलसब वाचन कएल गेल। बीच-बीचमे कविलोकनिक' शृंगार रसके कता सब सुनि उपस्थित सम्पूर्ण दर्शक झुमि उठलाह। कार्यक्रम मे हेल्प मधेशी क सेवक विशेष विशेश्वर यादव,प्रदीप ठाकुर,रुपेश यादव,उमेश जी,राम सिंह लगायतके उपस्थित सेहो रहल छल।
बैसारमे अँनलाईन सँ आएल रचनासब मे धनेश्वर ठाकुर,राम सोगारथ यादव,राजदेव राज लगायतके सर्जकसबहक रचनासब सेहो समावेश कएल गेल। बिगतके तुलनामे एहि बेरुक बैसार अत्यन्त प्रभावकारी रहल।
।
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
दोहा ,कतार
💟💟💗💓💟💚💚💓💝💟💝💗💗💓
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
💝❤💟💝💗💓💟❤❤💟💚❤💚💟
💙💟💟❤
🌻💙🔵
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
अपन मिथिला दोहा कतार
"मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा" मूल नाराके संग बिगत १८ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम #साँझक_चौपाड़ि_पर के अठारहम मासक बैसार मिति: २७/०१/२०१७ शुक्र दिन कतारक ग्राण्डमल्ल(सनैया) मे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल ।
कवि राम अधीन 'सम्भव' जीक संयोजकत्वमे शुरु भेल बैसारमे पहिल चरणमे परिचय पात आ दोसर चरणमे सर्जकसबद्वरा रचनासब सुनाएल गेल छल। करिब ३ दर्जन सँ बेसी लोकक उपस्थिती रहल बैसारमे कवि सत्रुधन मुखिया,कवि राम अधीन यादब, विन्देश्वर ठाकुर,कवि दिनेश महरा जी द्वारा कविता वाचन कएल गेल। तहिना कवि,गायक आ समाजसेवी रवीन्द्र उदासी जी आ राम नारायण सिंह जी द्वारा मार्मिक गीतसब प्रस्तुत कएल गेल। युवा गजलकार असरफ राईन जी द्वारा विभिन्न रसके गजलसब वाचन कएल गेल। बीच-बीचमे कविलोकनिक' शृंगार रसके कता सब सुनि उपस्थित सम्पूर्ण दर्शक झुमि उठलाह। कार्यक्रम मे हेल्प मधेशी क सेवक विशेष विशेश्वर यादव,प्रदीप ठाकुर,रुपेश यादव,उमेश जी,राम सिंह लगायतके उपस्थित सेहो रहल छल।
बैसारमे अँनलाईन सँ आएल रचनासब मे धनेश्वर ठाकुर,राम सोगारथ यादव,राजदेव राज लगायतके सर्जकसबहक रचनासब सेहो समावेश कएल गेल। बिगतके तुलनामे एहि बेरुक बैसार अत्यन्त प्रभावकारी रहल।
।
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
दोहा ,कतार
💟💟💗💓💟💚💚💓💝💟💝💗💗💓
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
💝❤💟💝💗💓💟❤❤💟💚❤💚💟
💙💟💟❤
🌻💙🔵

कोई टिप्पणी नहीं