भेलै चिन्ता तिलक दहेजके
भेलै चिन्ता तिलक दहेजके
✍👤कलमदेब महतो
जन्मलैते घरमे बेटीके,बाबुमाई किए घबराईछैं ।
बाबुमाईके भेलैं चिन्ता तिलक दहेजके ।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके ।
अपने समाजमे बेटा बेचैअ बनिक बेपारी ।
अपने समाजमे टाका रूपैया लक भरैअ भखारी ।
तँअो किए नेऽ अाँखि खुलैछैं अहि समाजके।
बाबुमाईके भेलै चिन्ता तिलक दहेजके।
जन्मलैते घरमे बेटीके बाबुमाई किए घबराईछैं।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके।
बेटीछैं माँ लक्ष्मीके रूप,बेटीछैं माँ सरस्वतीके रूप।
बेटीछैं माँ सीता स्वरूप बेटीछैं माँ कालिके रूप।
भुईल नेऽ जाउ यौ समाज सब दहेजक रितीरिवाजके।
बाबुमाईके भेलैं चिन्ता तिलक दहेजके।
जन्मलैंते घरमे बेटीके बाबुमाई किए घबराईछैं।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके।
✍👤कलमदेब महतो ।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷
✍👤कलमदेब महतो
जन्मलैते घरमे बेटीके,बाबुमाई किए घबराईछैं ।
बाबुमाईके भेलैं चिन्ता तिलक दहेजके ।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके ।
अपने समाजमे बेटा बेचैअ बनिक बेपारी ।
अपने समाजमे टाका रूपैया लक भरैअ भखारी ।
तँअो किए नेऽ अाँखि खुलैछैं अहि समाजके।
बाबुमाईके भेलै चिन्ता तिलक दहेजके।
जन्मलैते घरमे बेटीके बाबुमाई किए घबराईछैं।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके।
बेटीछैं माँ लक्ष्मीके रूप,बेटीछैं माँ सरस्वतीके रूप।
बेटीछैं माँ सीता स्वरूप बेटीछैं माँ कालिके रूप।
भुईल नेऽ जाउ यौ समाज सब दहेजक रितीरिवाजके।
बाबुमाईके भेलैं चिन्ता तिलक दहेजके।
जन्मलैंते घरमे बेटीके बाबुमाई किए घबराईछैं।
कोनाक बियाहब हम अपन सोनित करेजके।
✍👤कलमदेब महतो ।
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷🌷

कोई टिप्पणी नहीं