आँहक नैन लागै मृगनयनी - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

आँहक नैन लागै मृगनयनी

#हास्य_कविता____
आँहक नैन लागै मृगनयनी



✍👤रोशन मिश्रा 

मन अछि आँहक चंचल 
आँहक नैन लागै मृगनयनी
ता धरि मुँह निहारूँ अप्पन 
हम थूकने आबैत छी खैनी ।।

देखिते हम बताह भेल छी 
आँहक सुन्दर सन मुखड़ा 
सब मनोरथ चूर भ गेलै 
दिल भ गेल टुकड़ा-टुकड़ा ।।

नागिन सन अछि चाल आहाँ केर 
अदा के नहि अछि कोनो जवाब 
सौख-सेहंता सब भाँड़ में गेलै 
आब नहि बाँचल कोनो ख्वाब ।।

चाँद सन शीतल छी आहाँ
आ सूर्ये सन केर गर्म 
चमकल अछि आँहक किस्मत 
आ फुटल अछि हमर कर्म ।।

धन्य भेलौ हम आहाँ पाबि क 
आब बकैस दिय हमर जान 
सब सँ पहिले अगुआ के ताकब
हुनका करब दंडवत प्रणाम ।।
                         ✍👤  Roshan Mishra


❤❤❤❤❤❤❤❤❤
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤





❤❤❤❤❤

कोई टिप्पणी नहीं