सरस्वती वंदना
सरस्वती वंदना ( ०५.०१.२०१७ )
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
******************************
श्वेत शालीना माते सुनू वंदना
गीत स्वर केँ सजाबू हमर अर्चना !
कुंदके फूल गमगम वीणापर धरल
आसनक लेल उज्जर कमल अल्पना !!
वर्ण धवला जेना चान हिमराशि सन
हार मोती सजल वीणा दंडक नयन
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव करथि अर्चना
ई फूजल आँखि देखलहुँ ने अछि कल्पना !
शुक्ल वर्णा चराचर विराजित अहाँ
जौं अहाँ नहि त' सर्जन के शक्ति कहाँ
वाक फूटय जखन ओ पियरगर रहय
राग रागिनी सजाबू सुनू याचना !
हंसवाहिनी कलममे रहय संतुलन
साँच निकसय जखनधरि हुअए ने मरण
प्राणवायुमे सदिखन विराजथि कला
लेखनी शिव सहेजय जगक कामना !!
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
पोस्ट :-अशोक कुमार सहनी
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
🚩🚩🚩
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
******************************
श्वेत शालीना माते सुनू वंदना
गीत स्वर केँ सजाबू हमर अर्चना !
कुंदके फूल गमगम वीणापर धरल
आसनक लेल उज्जर कमल अल्पना !!
वर्ण धवला जेना चान हिमराशि सन
हार मोती सजल वीणा दंडक नयन
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव करथि अर्चना
ई फूजल आँखि देखलहुँ ने अछि कल्पना !
शुक्ल वर्णा चराचर विराजित अहाँ
जौं अहाँ नहि त' सर्जन के शक्ति कहाँ
वाक फूटय जखन ओ पियरगर रहय
राग रागिनी सजाबू सुनू याचना !
हंसवाहिनी कलममे रहय संतुलन
साँच निकसय जखनधरि हुअए ने मरण
प्राणवायुमे सदिखन विराजथि कला
लेखनी शिव सहेजय जगक कामना !!
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
पोस्ट :-अशोक कुमार सहनी
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
🚩🚩🚩

कोई टिप्पणी नहीं