हप्पी न्यू हियर
हप्पी न्यू हियर
..✍👤रंजीत कुमार झा
काल्हि पहिल जनवरि रहै सोचलहुँ जा कॅ फेकना के नववर्षक शुभकामना दॅ अबियै। जहन ओकरा ओतॅ पहुँचलहुँ तॅ देखै छी ओ अपन एकटा गहकी के केश कीटि रहल छलै। कहलियै -
"फेकन हौ फेकन...हमरो दिस सँ तोरो लेल नववर्ष मंगलमय हुव' से शुभकामना।"
#फेकना - हँ .... हँ तोरो हमरा दिस सँ ................. ओ किदैन तॅ कहै है सब........ हप्पी......न्यू हियर.... । लेकिन हे ई सब पिछला एक हप्ता सँ सुनैत सुनैत अकच्छ हो गेलियै, जेकरा देखहो नबका साल नबका साल भुक रहल है, कियो मंदिर जा है, कियो घुमॅ जा है कियो सोमरस के आनंद लै हैएै । जानहो काहे.....एक गोर सॅ पुछलियै तॅ बोलॅकैए - "पहिल जनवरी के हमें जे करबै ओहने भरो साल होइहैए"।
आब तों ही हमरा बुझबहो साल में एक दिन निक केला से निक हो जेतै। हम तॅ कहै हियै रोज भोर पहिल साल होइ है, हम'र एगो बात कान खोलि के सुनि लै, एत्ते जे सब नबका सालक आनंद में झुमि रहल हैए से हमहुँ सब साल देखै हियै आ इतिहास साक्षी हैए जे ई नबका साल एक बरिख सँ बेसी नै रहॅ बला है।
हे हमरा अखनी बात में नै लगबहु बहुते गहकी है सबके केश दाढ़ी बनबॅ के है......तोरे ऐसन हम कोनो आफिस में काम नै ने करै हियै, जे महिना लगतै आ की मलिकबा पाइ उझिल देतै। हमर रोजी जहिया चलिहै उहे दिन हमर नबका साल होइ है..........गोर लगै हियौ।
✍👤रंजीत कुमार झा
❤🔵❤❤❤❤❤❤❤🔵
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🎼🎼🎼🎼🎼
..✍👤रंजीत कुमार झा
काल्हि पहिल जनवरि रहै सोचलहुँ जा कॅ फेकना के नववर्षक शुभकामना दॅ अबियै। जहन ओकरा ओतॅ पहुँचलहुँ तॅ देखै छी ओ अपन एकटा गहकी के केश कीटि रहल छलै। कहलियै -
"फेकन हौ फेकन...हमरो दिस सँ तोरो लेल नववर्ष मंगलमय हुव' से शुभकामना।"
#फेकना - हँ .... हँ तोरो हमरा दिस सँ ................. ओ किदैन तॅ कहै है सब........ हप्पी......न्यू हियर.... । लेकिन हे ई सब पिछला एक हप्ता सँ सुनैत सुनैत अकच्छ हो गेलियै, जेकरा देखहो नबका साल नबका साल भुक रहल है, कियो मंदिर जा है, कियो घुमॅ जा है कियो सोमरस के आनंद लै हैएै । जानहो काहे.....एक गोर सॅ पुछलियै तॅ बोलॅकैए - "पहिल जनवरी के हमें जे करबै ओहने भरो साल होइहैए"।
आब तों ही हमरा बुझबहो साल में एक दिन निक केला से निक हो जेतै। हम तॅ कहै हियै रोज भोर पहिल साल होइ है, हम'र एगो बात कान खोलि के सुनि लै, एत्ते जे सब नबका सालक आनंद में झुमि रहल हैए से हमहुँ सब साल देखै हियै आ इतिहास साक्षी हैए जे ई नबका साल एक बरिख सँ बेसी नै रहॅ बला है।
हे हमरा अखनी बात में नै लगबहु बहुते गहकी है सबके केश दाढ़ी बनबॅ के है......तोरे ऐसन हम कोनो आफिस में काम नै ने करै हियै, जे महिना लगतै आ की मलिकबा पाइ उझिल देतै। हमर रोजी जहिया चलिहै उहे दिन हमर नबका साल होइ है..........गोर लगै हियौ।
✍👤रंजीत कुमार झा
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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