फगुअामे अबिर गुलाल सँऽ खेलैने होली
फगुअामे अबिर गुलाल सँऽ खेलैने होली
✍👤कलमदेब महतो
र्तिछी नजैंर सँऽ किये गोरी चलाबैछे गोली।
फगुअामे अबिर गुलाल सँऽ खेलैने होली।
हमरा सँऽ होलीमे गाल रंगवाले गोरी।
अाबैने फगुअामे हमरा संगे खैलैने होली।।
मटैयक -मटैयक होलीमे चलैछे गोरी।
बुढ़वा जुवानका देखिये तोरा लगैतउ बोली।।
मुंबई सहरिया सँऽ उठा लजैतउ तोरा गोरी।
होलीमे मिथिला नगरिया सजाक डोली।।
✍👤कलमदेब महतो
जनकपुर धाम।
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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