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मैंथिली प्रेम वियोग गीत

।। मैंथिली प्रेम वियोग गीत ।।
  

✍👤आनंद मिश्र "मिलन"

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कहिया धरी हम तड़पु, कहिया धरी मन पारु,
मीता कौनो उपाय बतौ जे कहूना ओकरा बिसरु।
कहिया धरी हम तड़पु........।

अखनो धरी मीता ओकर मुँह नयन में बसल छौअ,
आइयो हिरदेय में ओकरा ले स्नेह बेसी भरल छौअ।
रुक रुक के मीता देह स याद में सोनित टेमी जेका जरेया,
सब छौड़ी देबउ मुदा ओकर याद ने हमर पाछू छोरेया।
आँखी मूने छी तइयो ओ सोझे ठार रहेया की करु।
मीता कौनो उपाय बतो जे.........।

प्रेम जे केलियो ओकरा सअ तकर फल हम भोगलियो,
अपने मुँह खसनउ आइयो धरी ने उठी ठार भ पेलीयो।
सब किछु करीहे मीता जीवन में मुदा प्रेम ने करबे,
ने त "आनंद" जेका तहू "मिलन" ले तड़पेत रहबे।
मन जरेया देखही हमर कौना तील तील जरु।
मीता कौनो उपाय बतो जे.......।

    ♡ ✍👤आनंद मिश्र 'मिलन'।।


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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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