दहेज (मैथिली कविता) - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

दहेज (मैथिली कविता)


=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=
दहेज (मैथिली कविता)
=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=-=






कबतक, विकृत राज करैत, रहतै ई दहेज ।
कहिया धैर, माथ पिटैत रहतै, राजा विदेह ।।
दहेजसँ सर्वनकुमार, जरजर भटकै, विदेश ।
सिया-धिया, असगर घरबास करै, स्वदेश ।।
´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´

घुटि-घुटि जिबै, सीयाराम, बिनु मोह-माया ।
जनक नन्दनीके, जरले रहतै, करेज-काया ।।
मातृ-पितृक पिण्ड, नदी भटकै, बिनु गाया ।
पवन रुपी, उधियाय अग्रजक, स्नेह-दाया ।।
´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´

दु:ख-पीडित, कष्ट ग्रसित, परदेशी जीनगी ।
मातृ जन्मभूमि, माइट मिथिला, संजीवनी ।।
घर-परिवार, संगी दुर, कष्ट बेसाहि, मङनी ।
दु:ख-पीडित, कष्ट ग्रसित, परदेशी जीनगी ।
´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´

शिक्षित, बुद्धिजीवी समाजमे, विकृत दहेज ।
कबतक, विकृति राज करैत, रहतै ई दहेज ।
विदुषी-नारीक, व्यापारसंऽ, चिन्तित विदेह ।
कहिया धैर, माथ पिटैत रहतै, राजा विदेह ।।
´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´´

°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°
रचनाकार & © :- Ganga Prasad Kushwaha 'JN'
ठेगाना :- गोविन्दपुर - ०६ ( मलहन्मा )
जिल्ला:- सिरहा ( नेपाल )
मिति:- २०७३/११/०९ गते सोमदिन
Web:- https://gangaprasadkushwahajn.wordpress.com

°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°


🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
पोस्ट :-  अशोक कुमार सहनी
💓💓💓💓💓💓💓💟💝💟💟💗💟💗💟💗




💓💓💝💗💝💙

कोई टिप्पणी नहीं