गौरीकेँ बूढ़बा भेलै वऽर। - अप्पन मिथिला -Appanmithila is Maithili Portal for News ,Articles and Entertainment

Breaking News

गौरीकेँ बूढ़बा भेलै वऽर।

।।नचारी।।
गौरीकेँ बुढ़बा भेलै वsर



✍👤सुबोध चौधरी

🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼🎼
सखी हे! चहूँ दिस भेल अनधोल,
गौरीकेँ बूढ़बा भेलै वऽर।
केनाक रहति धीया सुकूमारी,
देखि-देखि कांनैथि सुनैना रानी।
नयनसँ झरि-झरि झहरैनि नोर।
गौरीकेँ बूढ़बा भेलै ...

बूढ़बा करै छै बरद सवारी,
मांथ जटा छै पाकल दाढ़ी।
सौंसे देह मे भस्म रमल छै,
गरदैन नाग केना लटकल छै।
संग भूत प्रेत करै छै शोर।
गौरीकेँ बुढ़बा भेलै ...

वरकेँ घरो नै कत्तौ घरारी,
कत् जा रहति हमर दुलारी।
नारद ब्राह्मण धेंट काटलकै,
घर वर एहने ताकि आनलकै।
गौरी दुःखक ने कोनो छोर।
गौरीकेँ बूढ़बा भेलै ...

जूनि कांनु सुनू सुनैना रानी,
इ वर भोला औढ़र दानी।
गौरी कठीन तपस्या कैलेन्हि,
भाग्यसँ शिव वर रुप मे पौलेन्हि।
हिनकेँ हाथ त्रिलोकक डोर।
गौरीकेँ बूढ़बा भेलै ...

शशिधर शिव भोला भंडारी, 
सोझा हिनक कुबेर भिखारी।
सबहक खातिर विष पी लेलखिन,
जग मे नीलकंण्ठ कहबेलखिन।
धरै शिव ध्यान 'सुबोध'नित भोर।
गौरीकेँ बुढ़ाबा भेलै ...
-------
सुबोध चौधरी।

।।सभ गोटेकेँ महाशिव रात्रि क ढेरों ढाकी शुभकामना💐💐🌺🌺
हर हर महादेव🙏🏻🙏🏻


❤❤❤❤❤🌷🌷🌷🌷🌷❤❤❤❤❤
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
💗💗💗💗💚💚💚💚💚💗💗💗💗💗💗



💗💗💗💗💗💗👃👃🚩

कोई टिप्पणी नहीं