मैया तोरे सँ आश लगौने छियौ
मैया तोरे सँ आश लगौने छियौ
✍👤रोशन मिश्रा
जगदम्बा हमर घर आबै नें
हम निप क अँगना रखने छीयौ
हे गे आबि क कनिक दूलारै नें
हम बेटा अभगाल तोरे छीयौ ॥
हे.. गे.. आबै नें जगतारनि माँ
कहीया सं बाट निहारै छीयौ
फूल , अक्षत , आ चुनरी माँ गै
आ.. छप्पन भोग बनौने छीयौ ॥
हम एही जग सं की माँगीयै माँ
जे स्वयं एक माटि के पुतला छै
तू लाज बचा अपन बेटा के
माँ !..तोरे सं आश लगौने छीयौ ॥
तू ममतामयी अवलम्ब हमर
हम बेटा तोहर भिखारी छीयौ
आबै कोरा हमरा उठा मैया
हम तोहर प्रेमक अभीलाशी छीयौ ॥
✍👤रोशन_मिश्रा____
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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