एतेक प्रेमक नाटक किए कैली हमरा संग
.~~~~~ब्याथा जिनगिक~~~~~
✍👤दिनेश कुमार राम
______________________
बिच रास्ता मे साथ छोड सँ निमन, हमरा मारी दितौ!
अगर कोइ पुछित, तँ कोनो बाहानामे टारि दितौ!!
अहिँ के दुवार भ क, हमर लाश ल जैतौ!
दुनियाँ के सामने, एक झुठा नोर बहा दितौ!!
जा क अपना प्रेमी के साथ,बिबाह क लितौ!
आ खुशी रहितौ जिनगी भर, हमरा भुला दितौ!!
अगर हम जनने रहितौ, अहाँ प~थर के छाती छि !
त हम ओइहदिन अहाँके साथ छोडिदितौ!!
एतेक प्रेमक नाटक किए कैली हमरा संग!
हम त अकेले रहि, आ अकेले जिनगी काटी लितौ!!
दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही-६ धनुषा
हाल: दोहा कतार
🎼🎼🎼🎼🎼🎼💝🎼🎼🎼🎼🎼🎼
पोस्ट - अशोक कुमार सहनी
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🌷🚩🚩🚩🚩🚩🚩
✍👤दिनेश कुमार राम
______________________
बिच रास्ता मे साथ छोड सँ निमन, हमरा मारी दितौ!
अगर कोइ पुछित, तँ कोनो बाहानामे टारि दितौ!!
अहिँ के दुवार भ क, हमर लाश ल जैतौ!
दुनियाँ के सामने, एक झुठा नोर बहा दितौ!!
जा क अपना प्रेमी के साथ,बिबाह क लितौ!
आ खुशी रहितौ जिनगी भर, हमरा भुला दितौ!!
अगर हम जनने रहितौ, अहाँ प~थर के छाती छि !
त हम ओइहदिन अहाँके साथ छोडिदितौ!!
एतेक प्रेमक नाटक किए कैली हमरा संग!
हम त अकेले रहि, आ अकेले जिनगी काटी लितौ!!
दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही-६ धनुषा
हाल: दोहा कतार
![]() |
| कवि - दिनेश कुमार राम जी । |
🎼🎼🎼🎼🎼🎼💝🎼🎼🎼🎼🎼🎼
पोस्ट - अशोक कुमार सहनी
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🌷🚩🚩🚩🚩🚩🚩


कोई टिप्पणी नहीं