मधेशक पुकार
मधेशक पुकार
✍👤राम अधिन "सम्भव"
छोइर गुलामी स्वतन्त्रत भअ जिबु ,
अहां नाइ नोकर चाकर छि ।
तोइर सिलेट सिला पs लिखु
अहां सुनअक आखर छी ।
यौ मधेशी कान खोइल सुनु
अपना भितर के तागत चिनहुं
अछी महान बलबिर अहां
अहा नाइ किडा माअकर छी ।
दुनियाँ जनैय अहाक पुरखा
महा ज्ञानि बुद्ध, जनक आ पशुरामके
अजर अमर छथि नाम जिनकर
अहां बनल किया खांखर छी।
कियाक भिजल हां लोओर सs अचंरा
अहाक जनम जननी मधेश माइ के
इ पबित्र मधेश रुपि गाछ के जंs
करोरौ डाइरह पात झांअखर छी।
कहे "सम्भव" किछु समझल करु
सsकत लोहा के खमंहा बनु
माइर समाअट अहाके कुइट रहल हा
ज~ बनल अहा खुउद ओखर छि।
छोइर गुलामी स्वतन्त्र भअ जिबु
अहां नाइ नोकर चाकर छि ।।
लेखक:✍👤 राम अधिन (सम्भव)
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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✍👤राम अधिन "सम्भव"
छोइर गुलामी स्वतन्त्रत भअ जिबु ,
अहां नाइ नोकर चाकर छि ।
तोइर सिलेट सिला पs लिखु
अहां सुनअक आखर छी ।
यौ मधेशी कान खोइल सुनु
अपना भितर के तागत चिनहुं
अछी महान बलबिर अहां
अहा नाइ किडा माअकर छी ।
दुनियाँ जनैय अहाक पुरखा
महा ज्ञानि बुद्ध, जनक आ पशुरामके
अजर अमर छथि नाम जिनकर
अहां बनल किया खांखर छी।
कियाक भिजल हां लोओर सs अचंरा
अहाक जनम जननी मधेश माइ के
इ पबित्र मधेश रुपि गाछ के जंs
करोरौ डाइरह पात झांअखर छी।
कहे "सम्भव" किछु समझल करु
सsकत लोहा के खमंहा बनु
माइर समाअट अहाके कुइट रहल हा
ज~ बनल अहा खुउद ओखर छि।
छोइर गुलामी स्वतन्त्र भअ जिबु
अहां नाइ नोकर चाकर छि ।।
लेखक:✍👤 राम अधिन (सम्भव)
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| लेखक :- राम अधिन "सम्भव"जी |
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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