चलू खेलब होरी
चलू खेलब होरी !
शिव कुमार झा टिल्लू
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चलू खेलब होरी चलू खेलब होरी
हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
ता ता थैया आखर अढ़ैया
भौजी राधा भैया कन्हैया
पहिलुक चैतक गाबथि लोरी
चलू खेलब होरी हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
नवल संवत के' मान मनाबू
धवल जोगीरा तान सुनाबू
ताल वासंती नाचथि गोरी
चलू खेलब होरी हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
सभ छथि कोइली किओ ने कागा
स्वर रसमधुरी शब्द सोहागा
पोखरिमे मिलिगेलै घरके' मोरी
चलू खेलब होरी हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
आल सगुंता प्रेमरंग लाले
चिह्न भेल अनचिह्न रांगल गाले
प्रीति गढ़ायल चोरी चोरी
चलू खेलब होरी हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
मत्त निशा नहि केसर गमगम
सुरभित कुमकुम दूधक संगम
आँजुर भरू सोझाँ भांगक बोरी
चलू खेलब होरी हाथ सतरंगी अबीरक झोरी !
✍👤शिव कुमार झा "टिल्लू"
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| लेखकः-शिव कुमार झा"टिल्लू"जी। 🌷🌷🌷🌷🚩🌷🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🌷🚩 पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी 🌷🌷🌷🌷🌷💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗 💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗 |


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