प्रेम स्वरुप
एहि अशुभ समाचारके पहिल पोष्ट देखल। दोसर देखल। फेर आओर बेसी देखल मुदा तैयो मोन नै मानलक। अन्तमे देखैत देखैत मोन पीडागेल आ आँखिसँ टपटप नोर झहर' लागल। बात सहीए हेतै सायद -बुझाएल।मुदा एखनो नै लागि रहल अछि जे मिथिलाक भविष्य,युवा कवि Subodh Sharad जी आब नै रहलाह। हे भगवान ई कि केलौ? एहन अनहोनी किएक? हमसब किन्नहुँ माफ नै करब अहाँके भगवान। ऊफ्फ!
हार्दिक श्रद्धाञ्जली #कवि सुबोध सरद जी
परिवारके धैर्यधारण करबाक क्षमता देथि -भगवती
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
💐 --प्रेम स्वरुप--💐
✍ स्व.सुबोध शरद
मीरा-💐
दू तीर नदिनक हम माधव,
असंभव अप्पन संग।
अनन्त प्रेम उपगत कियूं तब,
उठत भाव उतंग।
बिनु आलंबन कौना संगम,
दर्पण ऊपर रूप।
बिनु दरश नैनक मोल की,
दिवाकर बिनु धुप।
रुँधीत कंठ संग वाणी कंपित,
मीरा मुखी मलहार।
मार्ग दरशन यशोधा नंदन,
सुनहुँ हियक गुहार।
कृष्ण-💐
हे देवी प्रीतक प्रतिमूर्ति,
प्रेम अवस्तु भावना।
कंदर्प हीन स्वामित्व विहीन,
निश्छल निर्मल धारणा।
प्रेम सुगन्ध हियक चराचर,
सरस संबन्ध निःस्वार्थ।
प्रेम पवित्र पावक तूलित,
प्रगति पथ परमार्थ।
प्रेम मुकुंद "निज नहि" "पर नहि,"
प्रेम ऊपर सर्वाधिकार।
प्रेम प्रताप सूर्य समान,
दिनकर तूल सृष्टिक आधार।
प्रेम मुदवंत मुकुल तूल,
हियक द्वार अंकुरित।
प्रेम भाव श्रीमंत बहुल,
जीवन आह्लादित।
जन्म जन्म प्रह्लादित।
!!!!!!!💐💐!!!!!!!!💐💐!!!!!!!
स्व.सुबोध शरद,
डखराम।।
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌻🌻🌻🌼🌼🌼🌼🌻🌻🌻🌻🌻
🌻🌻🌻🌼
हार्दिक श्रद्धाञ्जली #कवि सुबोध सरद जी
परिवारके धैर्यधारण करबाक क्षमता देथि -भगवती
✍👤विन्देश्वर ठाकुर
💐 --प्रेम स्वरुप--💐
✍ स्व.सुबोध शरद
मीरा-💐
दू तीर नदिनक हम माधव,
असंभव अप्पन संग।
अनन्त प्रेम उपगत कियूं तब,
उठत भाव उतंग।
बिनु आलंबन कौना संगम,
दर्पण ऊपर रूप।
बिनु दरश नैनक मोल की,
दिवाकर बिनु धुप।
रुँधीत कंठ संग वाणी कंपित,
मीरा मुखी मलहार।
मार्ग दरशन यशोधा नंदन,
सुनहुँ हियक गुहार।
कृष्ण-💐
हे देवी प्रीतक प्रतिमूर्ति,
प्रेम अवस्तु भावना।
कंदर्प हीन स्वामित्व विहीन,
निश्छल निर्मल धारणा।
प्रेम सुगन्ध हियक चराचर,
सरस संबन्ध निःस्वार्थ।
प्रेम पवित्र पावक तूलित,
प्रगति पथ परमार्थ।
प्रेम मुकुंद "निज नहि" "पर नहि,"
प्रेम ऊपर सर्वाधिकार।
प्रेम प्रताप सूर्य समान,
दिनकर तूल सृष्टिक आधार।
प्रेम मुदवंत मुकुल तूल,
हियक द्वार अंकुरित।
प्रेम भाव श्रीमंत बहुल,
जीवन आह्लादित।
जन्म जन्म प्रह्लादित।
!!!!!!!💐💐!!!!!!!!💐💐!!!!!!!
स्व.सुबोध शरद,
डखराम।।
![]() |
| स्व.सुबोध शरद |
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
🌻🌻🌻🌼🌼🌼🌼🌻🌻🌻🌻🌻
🌻🌻🌻🌼


कोई टिप्पणी नहीं