कोना बिसरलौं प्रिये बनि क' बेईमान यै
कोना बिसरलौ प्रिये बनि क' बेईमान यै
✍👤मनीष झा
आहिं सँ छै जिनगी आहिं सँ छै प्राण यै
कोना बिसरलौं प्रिये बनि क' बेईमान यै
कहियौ ने कोन चूक भेलए हमरा सँ
से किया ऐना करै छि आहाँ हरान यै ।।
पहिल बेरक प्रेम अछि बुझियो नै पेलियै
कतए हम हुसलौं से किछु नहि जनलियै
जेना नबका भराठ सन प्रेमो भसीयेलै
विरह केर हिलकोर प्रिये कतय सँ अनलियै ।।
सिसकैत हिया पूछै हमरे सँ बेर - बेर
कि जा नै गेलियै जे लागल छै कोन फेर
हमरे लेल विधना ई केहेन रचलकै
माथा पर लादल जे दुःखक पथार ढेर ।।
लहठी आनि देब हम घघड़ी किना देब
कान दुनू बाली , नाक नथिया गढ़ा देब
आहाँ लेल जिनगी समर्पित छी केने
छाती मे साटि प्रेम झुलना झुला देब ।।
रूसू नहि ऐना आहाँ हमरा सँ प्रियतम
हँसियौ ने एक बेर चुन-चुन चिड़ै सन
खाई छी हम सप्पत जे करबै नै भूलचूक
आगा सँ ध्यान हम राखब से हरदम ।।
✍👤मनीष झा जी
✍👤मनीष झा
आहिं सँ छै जिनगी आहिं सँ छै प्राण यै
कोना बिसरलौं प्रिये बनि क' बेईमान यै
कहियौ ने कोन चूक भेलए हमरा सँ
से किया ऐना करै छि आहाँ हरान यै ।।
पहिल बेरक प्रेम अछि बुझियो नै पेलियै
कतए हम हुसलौं से किछु नहि जनलियै
जेना नबका भराठ सन प्रेमो भसीयेलै
विरह केर हिलकोर प्रिये कतय सँ अनलियै ।।
सिसकैत हिया पूछै हमरे सँ बेर - बेर
कि जा नै गेलियै जे लागल छै कोन फेर
हमरे लेल विधना ई केहेन रचलकै
माथा पर लादल जे दुःखक पथार ढेर ।।
लहठी आनि देब हम घघड़ी किना देब
कान दुनू बाली , नाक नथिया गढ़ा देब
आहाँ लेल जिनगी समर्पित छी केने
छाती मे साटि प्रेम झुलना झुला देब ।।
रूसू नहि ऐना आहाँ हमरा सँ प्रियतम
हँसियौ ने एक बेर चुन-चुन चिड़ै सन
खाई छी हम सप्पत जे करबै नै भूलचूक
आगा सँ ध्यान हम राखब से हरदम ।।
✍👤मनीष झा जी
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| गीतकार - मनीष झा जी |


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