हे मैथिली !!नव मैथिली कंठक आल सुरूज उज्जर चान छी
हे मैथिली !
(सुश्री मैथिली ठाकुर केँ अर्पित )
✍👤शिव कुमार झा टिल्लू
*************************************
हे मैथिली ! अहाँ मिथिलाक अभिमान छी
देसिल वयनाक अनुप्राण छी
की की कहू गुमान अछि हमर संतान छी !!
स्वरक निहारिका छी सुरक तारिका छी
की की कहू गुमान अछि आलापक सारिका छी !!
कोकिल भासक नवल परान छी
मंचीय मर्यादाक विहान छी
की की कहू गुमान अछि तरुण गायनक संज्ञान छी !!
नव मैथिली कंठक आल सुरूज उज्जर चान छी
सुमुख हीयाक गान छी
की की कहू हारिमे जीतक अनुमान छी !!
आजुक रागिनी महान छी लयक शान छी
नियतिक मुसकान छी
की की कहू आरसीक निर्झरणी गतिमान छी !!
बढ़ैत चलू गबैत चलू गीत सरोवरि उपछैत चलू
स्वर सरितामे दुलकैत चलू
की की कहू विजय ध्वज फहरायब
विश्वास अछि नहि मलान छी !!!
✍👤शिव कुमार झा 'टिल्लू'
(सुश्री मैथिली ठाकुर केँ अर्पित )
✍👤शिव कुमार झा टिल्लू
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हे मैथिली ! अहाँ मिथिलाक अभिमान छी
देसिल वयनाक अनुप्राण छी
की की कहू गुमान अछि हमर संतान छी !!
स्वरक निहारिका छी सुरक तारिका छी
की की कहू गुमान अछि आलापक सारिका छी !!
कोकिल भासक नवल परान छी
मंचीय मर्यादाक विहान छी
की की कहू गुमान अछि तरुण गायनक संज्ञान छी !!
नव मैथिली कंठक आल सुरूज उज्जर चान छी
सुमुख हीयाक गान छी
की की कहू हारिमे जीतक अनुमान छी !!
आजुक रागिनी महान छी लयक शान छी
नियतिक मुसकान छी
की की कहू आरसीक निर्झरणी गतिमान छी !!
बढ़ैत चलू गबैत चलू गीत सरोवरि उपछैत चलू
स्वर सरितामे दुलकैत चलू
की की कहू विजय ध्वज फहरायब
विश्वास अछि नहि मलान छी !!!
✍👤शिव कुमार झा 'टिल्लू'
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| कवि - शिव कुमार झा 'टिल्लू' जी |


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