चाहैछी प्रिय अहाँके हम जान परानसँ
चाहैछी प्रिय अहाँके हम जान परानसँ
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✍👤कलमदेब महतो
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कहैछी प्रिय अहाँके हम अपन ईमानसँ
चाहैछी प्रिय अहाँके हम जान परानसँ
कहियो नेऽ साथ छोड़ब प्रिय हम अहाँके
कहैछी प्रिय हम अपन दिलके दलानसँ
दु:ख-सुखमे संगे साथ रहब सदिखन हम प्रिय
कहैछी प्रिय अहाँके हम अपन जुवानसँ
जन्म-जन्म रहब प्रिय अहाँके प्रेम पुजारी बैन हम
कहैछी प्रिय हम राखब दिलके मन्दिरमे सम्मानसँ
"कलमदेब" अहाँके जिनगीसँ दुर नेऽ जाईब कहियो
कहैछी प्रिय अहाँके हम सपत खा 'क भगवानसँ
✍👤कलमदेब महतो
जनकपुर धाम
हाल- साउदी अरेबीया
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| कवि - कलमदेब महतो जी |
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पोस्ट -अशोक कुमार सहनी
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