हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी
🌹🙏हे श्याम कतय बंसी 🙏🌹
✍👤मणि'आमारूपी
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हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)
सोर करैय छी कियाक नैं अहॉ आबैय छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी-----(२)[१]
माई यशोदा ताकि रहल छथि ,(२)
अहॉ गोकुल छोड़ि पड़ायल छी,
हे श्याम,कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[२]
बाबा नंद अनघोल केयने छथि(२)
अहॉ गोकुल छोड़ि पड़ायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी(२)[३]
गोवर्धन कँ के' उठायत ,
कालि नाग कँ के ओ मारत
अहॉ गोकुल छोड़ि कतय हेरायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[४]
राधा रानी, ताकि रहल छथि,(२)
क़दम के गाछ कँ झाँकि रहल छथि,
हॉस परिहास छोडि
अहॉ कतय नुकायल छी
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[५]
गोपी सब मधुवन मे ताकैयथि (२)
किनका संग अहॉ ,रास रचाबैय छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[६]
भाई सुदामा ताकि रहल छथि ,(२)
अहॉ मोटरी लँ कतय नुकायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[७]
ग्वाल बाल सब ताकि रहल छथि ,(२)
हीया हुनकर फाटि रहल अछि
अहॉ गैया कतअ चराबैय छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[८]
मथुरा तकलौऊ,जमुना तकलौऊ,
तकलौऊ गोकुल धाम,
ताकि ताकि आब हम बड्ड थकलाहू,
केलहूँ हम आराम,
अहॉ कतय नुकायल छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[९]
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी
मोन बेकल अछि,भेट नैं होय अछि(२)
घन घन घुनघुर कतोअ,बाजैय अछि ,
पायरक थाप सुनाबैय छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[१०]
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👤✍मणि'आमारूपी'-- २७.०३.२०१७
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💐💐💐💐💐💐💐💐💐👍💐💐💐💐💐💐💐💐
पोस्ट - अशोक कुमार सहनी
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✍👤मणि'आमारूपी
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हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)
सोर करैय छी कियाक नैं अहॉ आबैय छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी-----(२)[१]
माई यशोदा ताकि रहल छथि ,(२)
अहॉ गोकुल छोड़ि पड़ायल छी,
हे श्याम,कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[२]
बाबा नंद अनघोल केयने छथि(२)
अहॉ गोकुल छोड़ि पड़ायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी(२)[३]
गोवर्धन कँ के' उठायत ,
कालि नाग कँ के ओ मारत
अहॉ गोकुल छोड़ि कतय हेरायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[४]
राधा रानी, ताकि रहल छथि,(२)
क़दम के गाछ कँ झाँकि रहल छथि,
हॉस परिहास छोडि
अहॉ कतय नुकायल छी
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[५]
गोपी सब मधुवन मे ताकैयथि (२)
किनका संग अहॉ ,रास रचाबैय छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[६]
भाई सुदामा ताकि रहल छथि ,(२)
अहॉ मोटरी लँ कतय नुकायल छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[७]
ग्वाल बाल सब ताकि रहल छथि ,(२)
हीया हुनकर फाटि रहल अछि
अहॉ गैया कतअ चराबैय छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[८]
मथुरा तकलौऊ,जमुना तकलौऊ,
तकलौऊ गोकुल धाम,
ताकि ताकि आब हम बड्ड थकलाहू,
केलहूँ हम आराम,
अहॉ कतय नुकायल छी ।
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[९]
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी
मोन बेकल अछि,भेट नैं होय अछि(२)
घन घन घुनघुर कतोअ,बाजैय अछि ,
पायरक थाप सुनाबैय छी,
हे श्याम, कतय अहॉ बंसी बजाबैय छी,(२)[१०]
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| मणि'आमारूपी जी |
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👤✍मणि'आमारूपी'-- २७.०३.२०१७
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पोस्ट - अशोक कुमार सहनी
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