करेजा के पार क, घायल बना दैत अछी
💗गजल💖
करेजा के पार क, घायल बना दैत अछी
✍👤दिनेश कुमार राम
चुप चाप आके,ओ दिल मे बैठ जाइत अछी,
सास मे सुगन्धक, फुल छोइर जाइत अछी!!
अपना नैन सँ तिर, चलबैत अछि जेना,
करेजा के पार क, घायल बना दैत अछी!!
केहन चलैय ओकर, प्रेमक जादु,
राती दिन सपना मे,ओहे अबैत अछी!
बात करैय जखन, उ प्रेमक मौसम के,
बर्षातो मे वसन्तक,एहसास होइत अछी!!
ओठ पर लाली मुस्की सँग, बोलैए जखन,
कोयली सन बोली , हृदय मे समा जाइत अछी!!
✍👤दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही -६ धनुषा
हाल: दोहा कतार
करेजा के पार क, घायल बना दैत अछी
✍👤दिनेश कुमार राम
चुप चाप आके,ओ दिल मे बैठ जाइत अछी,
सास मे सुगन्धक, फुल छोइर जाइत अछी!!
अपना नैन सँ तिर, चलबैत अछि जेना,
करेजा के पार क, घायल बना दैत अछी!!
केहन चलैय ओकर, प्रेमक जादु,
राती दिन सपना मे,ओहे अबैत अछी!
बात करैय जखन, उ प्रेमक मौसम के,
बर्षातो मे वसन्तक,एहसास होइत अछी!!
ओठ पर लाली मुस्की सँग, बोलैए जखन,
कोयली सन बोली , हृदय मे समा जाइत अछी!!
✍👤दिनेश कुमार राम
सुगा मधुकरही -६ धनुषा
हाल: दोहा कतार
![]() |
| कवि- दिनेश कुमार राम जी |


कोई टिप्पणी नहीं