शख़रामे भेल महायज्ञमे 'मिथिलाक अनुपम डेग' द्वारा पर्चा बाँटलगेल
शख़रामे भेल महायज्ञमे 'मिथिलाक अनुपम डेग' द्वारा पर्चा बाँटलगेल
✍👤 श्री डा. अखिलेश झा
आदरणीय महिला तथा सज्जन वृन्द
मिथिलाक अनुपम डेग संस्था अपन भाषा, मैथिलीक उत्थान,प्रवर्धन एवं अत्यधिक प्रयोग हुए ताहिलेल काज क' रहल अछि । हमर अहाँके भाषा जे नेपालक दोसर भाषा छै, जकर समृद्ध इतिहास छै तथा 6 करोड़सँ बेसी बजनिहारक भाषा छैक हमर अहाँक उपेक्षाक कारणे दबल अछि ।
मैथिली कोनो जाति, धर्मक भाषा नहि इ हमर अहाँके सभक अपन भाषा अछि । एकरा मान दिएनाइ हमर अहाँक कर्तव्य बनैत अछि । कोनो भाषा जीबैत अछि प्रयोगसँ ताहि हेतु शिक्षामे मैथिली आ मैथिलीमे शिक्षा परम् आवश्यक । दुखक बात जे नेपालक नेतृत्व जाहिमे तराइक नेतृत्व सेहो अबैत अछि उदासीन छथि , अपन भाषा प्रति सिनेह नहि देखा पडैत छन्हि ।
इ सर्वविदित अछि जे अपन मातृभाषामे प्राप्त शिक्षा आर कोनो भाषामे प्राप्त शिक्षासँ बेसी ग्रहण करैत अछि । आउ मिलके शिक्षामे मैथिलीक अभियान चलाबी । बिना सभक सहयोगकेँ इ सम्भव नहि ।
खुशीके बात जे आइ काल्हिक युवामे भाषीक चेतनाक विकाश भेलनि अछि आ अपन भाषाक उपयोग तथा मान दियाबैलेल तत्पर भेलथि ।
अहि सन्दर्भमे मिथिलाक अनुपम डेग अनवरत काज क' रहल अछि । किछु दिन पहिने राजबिराजमे ( 2073/ 9/ 28): मातृभाषामे शिक्षा- एक डेग अन्तर्क्रिया राखलक तहिना बिरगंजमे
(2073/ 11/ 21) महिला विचार गोष्ठी राखल गेल जकर विषय रहैक मैथिलीमे शिक्षा । एखन सखडा मे भ' रहल महायज्ञमे अपन स्टाल 'डेग' राखलक अछि जाहिमे मिथिलाक विभुतिसभक मुर्ति तथा पोथी प्रदर्शनी एवं बिक्रीक व्यवस्था अछि ।
आउ हमसब मिल अपन मैथिलीक मान दियाबी
आ आपसी भेद भाव मिटाबी ।
जय मिथिला ,जय मैथिली








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