लिखित सहमति करै सs केलक मोर्चाद्धारा अस्वीकारः संशोधन हेत तब मात्र चुनाव
लिखित सहमति करै सs केलक मोर्चाद्धारा अस्वीकारः संशोधन हेत तब मात्र चुनाव
अशोक कुमार सहनी, दोहा क़तार,अपन मिथिला, बैशाख ८ गते / काठमाडौं । संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा सरकारसँगे लिखित सहमति करै केलेल अस्वीकार केने अछि। सरकार दोसर बेरी दर्ता केने संविधान संशोधन प्रस्ताव कुछ हेरफेर कके अगाडि बढ़ाबै लेल आ ओहि बापत मधेशी मोर्चा निर्वाचनमें सहभागी हुवाकलेल लिखित सहमति करै के आग्रह केने अछि ।
मुदा मधेशी मोर्चा अपन माग बमोजिम संविधान संशोधन पारित भेल तब मात्र चुनावमें जेब से सप्रष्ट केने अछि । सरकार संशोधन पारित भेल आ फेल भेल मोर्चाके चुनावमें जाय केलेल दबाब देने अछि ।
बैठक बाध मोर्चाके नेता अनिल झा कहलक,‘सरकारी पक्ष सहमति भेल से हल्ला केने तैमें कोनो तेहेन सहमति नै भेल अछि । सरकार लिखित सहमति करै केलेल कहै छेल हम सब नै केली । मधेशी मोर्चाके माग बमोजिम संविधान संशोधन पारित भेल तब आ स्थानीय तहके संख्या बढ़ाबै जेहेन काज भेल तब मात्रे हमसब चुनावमें सहभागी हेब से सप्रष्ट कहने छी।’
शुक्रदिन साँझ सत्तारुढ दल आ मधेशी मोर्चाबीच भेल वार्तामें सरकार परिमार्जनसहित संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित करेब से जिम्मेबारी लेने अछि । परिमार्जनके विषयबस्तुके अन्तिम काज मुदा शैनदिन हेत । सरकार मधेशी मोर्चा के माग सम्बोधन कके संविधान संशोधन केलक तब जाके मोर्चा चुनावमें हेब हु नेतासब विश्वास देने अछि । संशोधन परिमार्जनके लेल ४गोटे सदस्यीय कार्यदलसेहो गठन केने अछि। जैमे सरकारके दिशा सs कृष्ण सिटौला आ बुद्धिमान तामाङ अछि आ मोर्चाके तर्फ सs लक्ष्मण लाल कर्ण आ राजेन्द्र श्रेष्ठ अछि ।
संविधानके धारा ७ पहिला संशोधनअनुसार हेत से सम्भावना रहल अछि आ धारा २७४ में फेरबदल और सीमाकंन आयोगके समावेशी बनाबै के सहमति होइ के सम्भावना रहल अछि ।
बैठकमें प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड कहलक,‘हम परिमार्जनसहित संविधान संशोधन पारित करै के विश्वास देने छेल । अहाँ सब निर्वाचनमें सहभागी होइके विश्वास दिया। मधेशमें जनसंख्याके आधारमें तुरन्त स्थानीय निकायके पुर्नसंरचाना सेहो करै लेल तयार छी । कुछ व्यवधानसब अछि । मुद्दा फिर्ताके विषयमें प्रक्रिया अगाडि बढादेने छी । अहाँ सब निश्चिन्त रहू से प्रचण्ड कहने छेल ।’
बैठक बाध राष्ट्रिय जनता पार्टीके उपाध्यक्ष बृषेश चन्द्र लाल सरकार लचक भेल देखल गेल मुदा मजबूत सहमति नै भेल से बतौलक। लाललम कहलक,‘सरकार सबै माग पुरा करब कहने अछि । मुदा एहिसँ पहिले ई बात सब भेल छेल धोखा देने छेल । आय सेहो परिमार्जनसहितके संविधान संशोधन करै के बतेने अछि । सिमाकंन आयोग तीन महिना भित्रर प्रदेशके सिमाके टुँगो लगाबै के बात सेहो भेल अछि । सरकार स्थानीय निकायके संख्या बढाबै के सही स्वीकार केने अछि । मुदा हमरासब विश्वास आधार नै अछि।
अशोक कुमार सहनी, दोहा क़तार,अपन मिथिला, बैशाख ८ गते / काठमाडौं । संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेशी मोर्चा सरकारसँगे लिखित सहमति करै केलेल अस्वीकार केने अछि। सरकार दोसर बेरी दर्ता केने संविधान संशोधन प्रस्ताव कुछ हेरफेर कके अगाडि बढ़ाबै लेल आ ओहि बापत मधेशी मोर्चा निर्वाचनमें सहभागी हुवाकलेल लिखित सहमति करै के आग्रह केने अछि ।
मुदा मधेशी मोर्चा अपन माग बमोजिम संविधान संशोधन पारित भेल तब मात्र चुनावमें जेब से सप्रष्ट केने अछि । सरकार संशोधन पारित भेल आ फेल भेल मोर्चाके चुनावमें जाय केलेल दबाब देने अछि ।
बैठक बाध मोर्चाके नेता अनिल झा कहलक,‘सरकारी पक्ष सहमति भेल से हल्ला केने तैमें कोनो तेहेन सहमति नै भेल अछि । सरकार लिखित सहमति करै केलेल कहै छेल हम सब नै केली । मधेशी मोर्चाके माग बमोजिम संविधान संशोधन पारित भेल तब आ स्थानीय तहके संख्या बढ़ाबै जेहेन काज भेल तब मात्रे हमसब चुनावमें सहभागी हेब से सप्रष्ट कहने छी।’
शुक्रदिन साँझ सत्तारुढ दल आ मधेशी मोर्चाबीच भेल वार्तामें सरकार परिमार्जनसहित संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित करेब से जिम्मेबारी लेने अछि । परिमार्जनके विषयबस्तुके अन्तिम काज मुदा शैनदिन हेत । सरकार मधेशी मोर्चा के माग सम्बोधन कके संविधान संशोधन केलक तब जाके मोर्चा चुनावमें हेब हु नेतासब विश्वास देने अछि । संशोधन परिमार्जनके लेल ४गोटे सदस्यीय कार्यदलसेहो गठन केने अछि। जैमे सरकारके दिशा सs कृष्ण सिटौला आ बुद्धिमान तामाङ अछि आ मोर्चाके तर्फ सs लक्ष्मण लाल कर्ण आ राजेन्द्र श्रेष्ठ अछि ।
संविधानके धारा ७ पहिला संशोधनअनुसार हेत से सम्भावना रहल अछि आ धारा २७४ में फेरबदल और सीमाकंन आयोगके समावेशी बनाबै के सहमति होइ के सम्भावना रहल अछि ।
बैठकमें प्रधानमन्त्री पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड कहलक,‘हम परिमार्जनसहित संविधान संशोधन पारित करै के विश्वास देने छेल । अहाँ सब निर्वाचनमें सहभागी होइके विश्वास दिया। मधेशमें जनसंख्याके आधारमें तुरन्त स्थानीय निकायके पुर्नसंरचाना सेहो करै लेल तयार छी । कुछ व्यवधानसब अछि । मुद्दा फिर्ताके विषयमें प्रक्रिया अगाडि बढादेने छी । अहाँ सब निश्चिन्त रहू से प्रचण्ड कहने छेल ।’
बैठक बाध राष्ट्रिय जनता पार्टीके उपाध्यक्ष बृषेश चन्द्र लाल सरकार लचक भेल देखल गेल मुदा मजबूत सहमति नै भेल से बतौलक। लाललम कहलक,‘सरकार सबै माग पुरा करब कहने अछि । मुदा एहिसँ पहिले ई बात सब भेल छेल धोखा देने छेल । आय सेहो परिमार्जनसहितके संविधान संशोधन करै के बतेने अछि । सिमाकंन आयोग तीन महिना भित्रर प्रदेशके सिमाके टुँगो लगाबै के बात सेहो भेल अछि । सरकार स्थानीय निकायके संख्या बढाबै के सही स्वीकार केने अछि । मुदा हमरासब विश्वास आधार नै अछि।

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