जग जोगी बाला फेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
✍👤अनिल मल्लिक
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
जाधरि जिनगी ताधरि माया
क्षण भँगूर छै, कंचन काया
सभ क्षण के कि मारा मारी
यतए कि तेरा, कि मेरा छै
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
प्रीतक पिआस में ब्याकुल मन
आगाँ मुदा प्रेमक सागर छै
कि, छुटि जाएत छै हाथसं गागर
नहि जानि ई केहन बखेड़ा छै
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
जिनगी झरना छै बहैत चलू
सन्देश अहाँ प्रेमक बँटैत चलू
छै अमीरी कि, आ फकीरी कि
सुख दुख त' , साँझ सवेरा छै
जग घर छै कि, जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै !
✍👤अनिल मल्लिक
✍👤अनिल मल्लिक
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
जाधरि जिनगी ताधरि माया
क्षण भँगूर छै, कंचन काया
सभ क्षण के कि मारा मारी
यतए कि तेरा, कि मेरा छै
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
प्रीतक पिआस में ब्याकुल मन
आगाँ मुदा प्रेमक सागर छै
कि, छुटि जाएत छै हाथसं गागर
नहि जानि ई केहन बखेड़ा छै
जग घर छै कि जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै
जिनगी झरना छै बहैत चलू
सन्देश अहाँ प्रेमक बँटैत चलू
छै अमीरी कि, आ फकीरी कि
सुख दुख त' , साँझ सवेरा छै
जग घर छै कि, जग डेरा छै
जग जोगी बाला फेरा छै !
✍👤अनिल मल्लिक

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