ई रोशन जगवनिया भ गेलै नेहाल (मैथीली गीत)
ई रोशन जगवनिया भ गेलै नेहाल (मैथीली गीत)
✍👤रोशन मिश्र
ठोर चम-चम करैं
देह ग़म-ग़म करैं
आहा चलै छी नागिन चाल
की हे यै धनी , आहा के देखित्ते
ई रोशना जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
चुरी खन-खन करैं
पायल झन-झन करैं
आहा करैं छी कीया बबाल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
मन हन-हन करैं
जवानी तन-तन करैं
जेना चढ़ी गेल सोलहम साल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2l . . . .
ठोर चम-चम करैं
देह ग़म-ग़म करैं
आहा देखि मन मे उठऐ सवाल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
✍👤रोशन मिश्र
✍👤रोशन मिश्र
ठोर चम-चम करैं
देह ग़म-ग़म करैं
आहा चलै छी नागिन चाल
की हे यै धनी , आहा के देखित्ते
ई रोशना जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
चुरी खन-खन करैं
पायल झन-झन करैं
आहा करैं छी कीया बबाल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
मन हन-हन करैं
जवानी तन-तन करैं
जेना चढ़ी गेल सोलहम साल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2l . . . .
ठोर चम-चम करैं
देह ग़म-ग़म करैं
आहा देखि मन मे उठऐ सवाल
की हे यै धनी, आहा के देखिते
ई रोशन जगवनिया
भ गेलै नेहाल ll 2ll . . . .
✍👤रोशन मिश्र
![]() |
| गीतकार - रोशन मिश्र जी |
💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚💚
पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
💝💝💝💝💝🌼💝💝💝🌷💝🌼💝💝🌷🌷


कोई टिप्पणी नहीं