पिया आबि जाऊ अहाँ जल्दी घरे
🌹पिया आबि जाऊ अहाँ जल्दी घरे🌹
सफाचट सँ हम करब साफ चबुतरा
बुझाई ये फैरिगेल निचा मे अछि ऊफरा
चटे चट जकाँ निचा मे रहैय या पपरा
बुझाई ये फैरिगेल निचा मे अछि ऊफरा
सुनु परता परल हमर अछि ई बारी
झोँझे झोँझ भगेल अछी हमर आरी
रहि रहि कऽ जेना हमरा घुरघुराई या
जँ लारी ओईमे खोरना ओझराई या
देखु भासल जाय ऐ हमर खेत यौ
नहि जानि हमरा होत कहिया भेंट यौ
काँटो काँट भगेल, बर्षात बिना टाँट भगेल यौ
कहिया होतई अई मे जोतनी
रोपनी भासल जाय ऐ यौ
पिया आबि जाऊ अहाँ जल्दी घरे
देहऽ बथय हमर जेना पोरे पोरे
दराईर जेना आब पानी मांगैय छय
हाल ऊरैय आकाश सितक ओश मांगैय छय
लाबि दिय नऽ पिया यौ लाबि दिय नऽ
कचरा सँ भैरि गेल अछि हमर बारी
साफ करूँ नेतऽ फैरि ज्यात बिमारी
लाबि दिय नऽ पिया यौ लाबि दिय नऽ
✍👤धीरेन्द्र पावन
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| लेखकः धीरेन्द्र पावन जी |
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पोस्ट :- अशोक कुमार सहनी
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