बात मान आब नञि कराबै तू प्रतिक्षा गै जूली
बात मान आब नञि कराबै तू प्रतिक्षा गै जूली।।
✍👤राजदेव राज
बस पूरा कदे हमर एकटा ईक्षा गै जूली
हमरा सँ लले प्रेम बला शिक्षा गै जूली
दीवाना छी तोहर चाहे खूआले कोनो किरिया।
बात मान आब नञि कराबै तू प्रतिक्षा गै जूली।।
तोरा बिन हमर जीनगीक कोनो मोल नञि ।
जिनगीक संगी बनि दे प्रेमक सदीक्षा गै जुली।।
बानहि दे तू प्रितक डोर सँ सदित बनहायल रहब।
आब हमारा सँ नञि लए तू परीक्षा गै जूली।।
बस एक बेर नयन सँ नयन मिलाक' देख बताहि।
बतहा राज" मगैत छौ प्रेमक भिक्षा गै जूली।।
📝 राजदेव राज
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| कवि - राजदेव राज |


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