बैसब कत्ते मोन मारि के
💐बैसब कत्ते मोन मारि के💐
✍👤अमित पाठक
मोन मारि के बैसल-बैसल
जुनि निज मुँह मलान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
बदलि गेलइए समय-साल
बदलल दुनियां-जहान छै
अप्पन उल्लु सोझ कर' लए
डोलि रहल ईमान छै
अछि प्रहार समधानल एक्कर
चुप्पी तोड़ि निदान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
शोणित चूबए जकर घाम सॅ
तकरहु मोजर-माइन हो
ओकर बदौलति जे सुख भोगए
तकरहु आंखि में पाइन हो
मेहनति के फल भेटए सबके
सब मिलि से अभियान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
अपनहिं हाथे अपन भाग्य
र'च' के एत' विधान छै
चौबिस घंटा मेहनतिया के
पीठहि पर भगवान छै
ऐछ अन्हरिया भरिए रातिक
चकमक सुरुज विहान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
अप्पन भल संग भल ~ ~~~~~
✍अमित पाठक
✍👤अमित पाठक
मोन मारि के बैसल-बैसल
जुनि निज मुँह मलान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
बदलि गेलइए समय-साल
बदलल दुनियां-जहान छै
अप्पन उल्लु सोझ कर' लए
डोलि रहल ईमान छै
अछि प्रहार समधानल एक्कर
चुप्पी तोड़ि निदान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
शोणित चूबए जकर घाम सॅ
तकरहु मोजर-माइन हो
ओकर बदौलति जे सुख भोगए
तकरहु आंखि में पाइन हो
मेहनति के फल भेटए सबके
सब मिलि से अभियान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
अपनहिं हाथे अपन भाग्य
र'च' के एत' विधान छै
चौबिस घंटा मेहनतिया के
पीठहि पर भगवान छै
ऐछ अन्हरिया भरिए रातिक
चकमक सुरुज विहान करु
अप्पन भल संग भल हो सबहक
तेहेन किछु ओरियान करु
बैसब कत्ते मोन मारि के~~~~~
अप्पन भल संग भल ~ ~~~~~
✍अमित पाठक
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| कवि - अमित पाठक जी |


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