पाव भर सतुआ संग मे आधा गो पियाज गे (मैथिलि गीत )
मैथिलि गीत
✍👤बिभूति आनन्द
पाव भर सतुआ संग मे
आधा गो पियाज गे
नीमक-पानी ले के जैबै
गिरहत खेत-पथार गे
मालिक करतै एन्ने-ओन्ने
आ करतै तकरार गे
सोझे मूहें लड़बै हमहूँ
रखबै नइ विचार गे
मेहनत अपन मजदूरी हइ
अप्पन ई सिंगार गे
माने पड़तै लोहा नइ तऽ
छोड़बै हमे दुआर गे
अप्पन रोजी-रोटी खोजबै
खोजबै हमे जोगार गे
इसकुल-सपना बेदरा सब के
करबै हमे सकार गे...
✍👤बिभूति आनन्द

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