पूरा करब मोनक अरमान ( मैथिलि रचना )
पूरा करब मोनक अरमान
✍👤मनीष झा
किए निहारब दूरक चान
सोझाँमे प्रियतमकेँ देखबनि
पूर करब मोनक अरमान ।।
मुख पर राजित धवल इजोरिया
हिया जुराबै अछि मुस्कान
एक दिन मात्र पूर्ण ओ होइए
सब दिन एक्के हम्मर चान ।।
जँ भेटतै तँ पुछबै एक दिन
होइ छै ओकरा कथिक गुमान
मुख ओकर हम दाग देखै छी
दाग रहित अछि हम्मर चान ।।
जे नहि बाजै ओहि चान लेल
किए हएब हम एतेक हरान
जाहि चान सँ सख - मनोरथ
ताहि चान लेल ध्यान - परान।।
...✍ मनीष झा
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| कवि - मनीष झा जी |


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