कलम पकड़ने मुहदुब्बर केर बोल लिखै छी...खेत पथार परती संग गाम आ टोल लिखै छी...बिक्खे भरल बसात देश भरि जे छै बहा रहल,तइ राजनीति'क सभटा फूजल पोल लिखै छी.लेखक✍️ किसलय कृष्णकिसलय कृष्ण जी© किसलय कृष्ण
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