सपना के रानी
कत होतै सपना के रानी हमर।
हूनका बिनु अधूरा जिन्गीक कहानी हमर।।
हूनके बाट जोहैछी हम नैना बिछाक।
कहिया येत आगू हूनका बिनू तड़पै जवानी हमर।।
मोहनी रूप छै हूनकर केश बड कारी।
परीयो सs सुन्दर छै दिलजानी हमर।।
हुनकर याद अबिते मोन मे उठैय गुदगुदी।
रोज सपना मे आविक बढ़वैय बेचेनी हमर।।
कहिया होतै "सत्या" स हूनका मधूर मिलन।
सपना पूरा होतै खत्म होतै विरानी हमर।।
✍ सत्या यादव (सरोज)
हाल:- मलेशिया
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