संगे संगे फुल लोढलविछल गाछीक आमसपना कल्पना सव किछु वांटलफुलवारी सँ ओहिटोल गामछुटल संग संगी मोन पडलवो डुमरा हम जनकपुरधाम ।।✍पूनम झा मैथिल#अपन_मिथिला
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